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Ghaziabad News: ई-कॉमर्स बिजनेस के नाम पर 38.74 लाख की ठगी

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने ई-कॉमर्स बिजनेस के नाम पर इंदिरापुरम के सुमित त्यागी को 38.74 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपियों ने 25 फीसदी मुनाफा होने का लालच देकर उनको अपने जाल में फंसाया था। उन्होंने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने धनराशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सुमित त्यागी ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर ड्रॉप शिपिंग के बिजनेस का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में घर बैठे पैसा लगाकर कमाई होने की बात लिखी थी। आरोपियों ने दावा किया है कि उनको कोई फर्म खोलने की भी जरूरत नहीं है। जो मुनाफा होगा खाते में आ जाएगा और यदि बिजनेस नहीं करना तो पूरा पैसा भी सुरक्षित मिलेगा। उन्होंने रुचि दिखाई तो एक महिला उनके संपर्क में आ गई। उसने अपना नाम दिव्या मिश्रा बताया। उसने उनको एक ग्रुप में जोड़ दिया। उसमें कुछ लोग कमाई होने के बारे में बता रहे थे। इसके बाद उनका विश्वास बढ़ता चला गया।
शातिर के कहने पर उन्होंने विशो नाम की वेबसाइट पर अपना एकाउंट बना लिया। वहां कुछ ऑनलाइन स्टोर की जानकारी लिखी थी। उसको विजिट करने पर बताया गया कि ऑनलाइन सामान ऑर्डर करना है और फिर उसको ऑनलाइन डिलीवर कराना है। पहले सवा लाख का ऑर्डर मिला। फिर 24 लाख के ऑर्डर का ऑफर दिया गया। आरोपियों ने ऐसा करके उनसे 38.74 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। कथित ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके वॉलेट में बढ़ी हुई रकम भी दिख रही थी, लेकिन वह उसको निकाल नहीं पा रहे थे। जब उन्होंने आरोपियों से इस बारे में बात की तो वह बढ़े हुए पैसे पर टैक्स देने की बात कहकर और पैसे की मांग करने लगे लेकिन उनके पास और पैसे का इंतजाम नहीं था। उन्होंने अपनी बचत के अलावा लोन निकालकर भी आरोपियों के खाते में धनराशि भेज दी। ठगी का पता चलने पर वह तनाव में आ गए। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने खाता व मोबाइल नंबरों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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-निवेश के चक्कर में 30.57 की ठगी :
साइबर ठगों ने 20 फीसदी मुनाफे का झांसा देकर खोड़ा कॉलोनी के बालकिशन शर्मा को 30.57 लाख की चपत लगा दी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कर दी है। बाल किशन शर्मा ने बताया कि व्हाट्सएप पर एक लिंक आया था। खोलने पर उसमें निवेश करके 20 फीसदी से अधिक के मुनाफे की बात लिखी थी। आरोपियों ने उनको एप डाउनलोड कराए।
इसके बाद रकम ट्रांसफर करने की बात कही। उनकी बातों में आकर उन्होंने रकम ट्रांसफर कर दी। एप में बढ़ी हुई रकम भी दिख रही थी। आरोपियों ने विश्वास दिलाने के लिए केवाईसी की औपचारिकता भी पूरी कराई। आरोपियों पर भरोसा करके उन्होंने 30.57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दी। आरोपियों को जब लगा कि और पैसा उनको मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इस बारे में एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में खातों में जमा रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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