भवनों के मलबे से बनेंगी सड़कें और इंटरलॉकिंग टाइल्स
गाजियाबाद। जीडीए की कंस्ट्रक्शन साइटों के साथ विभिन्न स्थानों पर निकलने वाले भवनों के मलबे का इस्तेमाल अब इंटरलॉकिंग टाइल्स, ईंटों, सड़कों के निर्माण के लिए किया जाएगा। इसके लिए जीडीए की ओर से 15 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक कंस्ट्रक्शन एंड डेवरीज रीसाइकिलिंग प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट को बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) पर तैयार किया जाएगा।
महानगर में जीडीए के प्रोजेक्टों की साइटों पर बड़ी मात्रा में मलबा निकलता है। उसे डंपिंग करने से ज्यादा परेशानी डंपिंग एरिया तक पहुंचाने की होती है। इसलिए जीडीए की ओर से प्लांट लगाया जाएगा। जल्द ही कंपनियों से आवेदन मांगकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गड्ढे भरने, सीमेंटेड टाइल्स बनाने में भी होगा प्रयोग
प्लांट के जरिये पहले मलबे को बारीक रॉ मैटीरियल में बदला जाएगा। इसके बाद उससे इंटरलॉकिंग टाइल्स, ईंटों, सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे गड्ढों को भी भरा जाएगा।
कोयल एंक्लेव में पांच एकड़ में तैयार होगा प्लांट
प्लांट के लिए करीब पांच एकड़ की जरूरत पड़ेगी। कोयल एंक्लेव योजना में इतनी भूमि मौजूद है, ऐसे में वहीं प्लांट लगाया जा सकता है।
इन प्रोजेक्ट के मलबे का होगा इस्तेमाल
इंदिरापुरम क्षेत्र में चल रहे कार्यों, कोयल एंक्लेव, मधुबन बापूधाम योजना, राजनगर एक्सटेंशन, पीएम आवास योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रोजेक्ट्स से निकलने वाले मलबे को री-साइकिल किया जाएगा।