सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौत
- बोर्ड परीक्षा देने चाचा के साथ अलीगढ़ जा रहा था किशोर
अमर उजाला ब्यूरो
पहासू।
यूपी बोर्ड की परीक्षा देने जा रहे बाइक सवार छात्र और उसके चाचा को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया। छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसके चाचा ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घर में दो मौत से कोहराम मच गया।
पहासू थाना क्षेत्र के गांव छर्रा कुंवरपुर निवासी विकास (17) पुत्र नाहर सिंह दसवीं का छात्र था। मंगलवार को विकास अपने चाचा प्रेमवीर (35) के साथ बाइक से अलीगढ़ क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने जा रहा था। अलीगढ़ क्षेत्र के थाना अतरौली स्थित पॉली मुकीमपुर गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को रौंद दिया। विकास की तो मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने देखा तो मौके की तरफ दौड़ पड़े। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। आनन-फानन में मृतक विकास के चाचा प्रेमवीर को अस्पताल ले जाया गया। जहां गंभीर हालत देखते हुए चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान प्रेमवीर की भी मौत हो गई।
परिवार में हुई दो मौतों से छर्रा कुंवरपुर में छाया मातम
- छोटा बेटा होने के कारण विकास था मां-बाप का चहेता
पहासू। अलीगढ़ क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत से गांव में छर्रा कुंवरपुर गांव में मातम छाया हुआ है। शव पहुंचने पर सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा दे रहा छात्र विकास अन्य दिनों की तरह मंगलवार सुबह अपने चाचा प्रेमवीर के साथ परीक्षा देने बाइक से निकला था। परिवार के लोगों ने भी उसे हंसी-खुशी घर से विदा किया था। किसी को क्या पता था कि परीक्षा देने जा रहा विकास नहीं उसका शव घर पहुंचेगा। अलीगढ़ क्षेत्र के गांव पॉली मुकीमपुर के पास टाटा 407 ने उसे रौंद दिया। विकास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं प्रेमवीर का अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। सबसे पहले जब विकास का शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोगों ने सुना तो वह भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच गए। विकास अपने भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण मां-बाप का चहेता था। शव पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में विकास का अंतिम संस्कार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक चाचा प्रेमवीर का शव घर नहीं पहुंचा था। ब्यूरो