गाजियाबाद। नंदग्राम क्षेत्र के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले पीड़ित से साइबर ठगों ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराकर 31 लाख 24 हजार 800 रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेने के लिए 15 हजार रुपये निवेश कराकर ट्रेडिंग एकाउंट में एक करोड़ रुपये का मुनाफा दर्शाया। पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि आशियाना पॉम कोर्ट सोसायटी में रहने वाले दीपक गुप्ता के मुताबिक 24 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉलर ने अनीश मैथ्यू नाम बताकर खुद को क्रिप्टो करेंसी के अधिकृत डीलर और स्टॉक ब्रोकर बताया। उन्होंने उसके कहने पर कंपाउंड्स डॉट नेट मोबाइल एप डाउनलोड किया। एक दिसंबर को पीड़ित ने एप के माध्यम से ऑनलाइन 15 हजार रुपए ट्रांसफर किए।
करीब एक सप्ताह बाद पीड़ित को ऐप वालेट में ट्रेडिंग से मोटी रकम प्रॉफिट में दिखाई गई। कंपनीकर्मी ने अपने प्रॉफिट को निकालने के लिए जालसाजों से पूछा, तो जालसाजों ने 32,700 रुपये कमीशन के रूप में जमा करने का कहा। इसके बाद उनके वॉलेट में एक लाख डॉलर यानि एक करोड़ रुपये का मुनाफा दर्शाया गया। पीड़ित ने ट्रेडिंग एकाउंट से रुपये निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया। इसमें पहले से ही आठ लोग जुड़े थे। पीड़ित ने फिर से जालसाजों से अपना मुनाफा निकालने के लिए पूछा, तो उन्हें बताया गया कि वेरीफिकेशन फीस जमा करने के बाद ही अपना मुनाफा निकाल सकते हैं। इस दौरान दो बार 12 दिसंबर को 11 लाख और 15 दिसंबर को दस लाख सबसे ज्यादा एमाउंट जमा कराया। पीड़ित के मुताबिक उन्होंने 13 बार में 31 लाख 24 हजार 800 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद भी ठग उनसे रुपये जमा करने की मांग करते रहे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एडीसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।