पहले चरण के चुनाव में भाग्य आजमाइश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 24 जनवरी तक चलने वाली इस नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन एक भी प्रत्याशी ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। पहले दिन गाजियाबाद की पांचों विधानसभाओं के प्रत्याशी कलक्ट्रेट में सिर्फ नामांकन फार्म लेने ही पहुंचे।
कुल मिलाकर 31 लोगों ने पहले दिन नामांकन फार्म लिया।कलक्ट्रेट के कक्ष संख्या 127 में लोनी, 128 में साहिबाबाद, 129 में मुरादनगर, 130 में गाजियाबाद और 102 में मोदीनगर विधानसभा के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। मंगलवार को सभी आरओ अपने-अपने कक्ष में मौजूद रहे।
नामांकन पत्र लेने वालों में निर्दलीय प्रत्याशी भी शामिल थे।गाजियाबाद विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग और बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल ने आवेदन खरीदा। मोदीनगर से सपा के प्रत्याशी राम आसरे शर्मा और बसपा के वहाब चौधरी ने आवेदन पत्र लिया।
इसी तरह लोनी से भाजपा के प्रत्याशी नंदकिशोर गुर्जर और सपा के राशिद मलिक ने आवेदन लिया।नामांकन के पहले दिन जिला मुख्यालय छावनी में तब्दील कर दिया गया। आम आदमी की तो बात ही क्या, प्रशासनिक अधिकारियों को भी यहां प्रवेश करने में दिक्कतें आईं।
विकास भवन और कलक्ट्रेट में कार्यरत कई कर्मचारियों की गाड़ियां बाहर ही रुकवा दी गईं। आम पब्लिक जो डीएम से मिलने अथवा अपने किसी निजी काम से जिला मुख्यालय पर पहुंची, उसे भी निराश ही लौटना पड़ा। एक-एक व्यक्ति से गेट पर ही पूछताछ की गई।
इसके बाद कलक्ट्रेट भवन में किसी भी आम आदमी को प्रवेश नहीं दिया गया। भारी संख्या में तैनात पुलिस फोर्स ने सभी लोगों को तीन बजे के बाद आने को कह कर गेट से ही लौटा दिया। कलक्ट्रेट में ही कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आईकार्ड दिखाने के बाद ही कलक्ट्रेट में प्रवेश मिल पाया।
कलक्ट्रेट भवन के सभी दरवाजों पर ताले लगा दिए गए थे। दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाने वाली सीढ़ियों पर भी बेरिकेडिंग की गई थी। ऊपर जाने के लिए एक ही जीने के रास्ता खोला गया जहां पुलिस कर्मी तैनात थे और हर आने-जाने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर रहे थे।
एसएसपी दीपक कुमार ने निरीक्षण कर जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुरक्षा में कहीं से भी कोई चूक न हो इसके लिए उन्होंने तैनात पुलिस कर्मियों को सख्त दिशा निर्देश दिए।