जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति लिए बिना फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करना प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है। प्रशासन ऐसे प्रत्याशियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कर रहा है। इसके लिए विशेष टीम का गठन भी कर दिया गया है। यह टीम प्रत्येक प्रत्याशी के कैंपेन पर नजर रखे हुए है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि चुनाव आयोग ने अपनी गाइड लाइन में इस बार यह स्पष्ट किया है कि सोशल नेटवर्किंग के माध्यम से प्रत्याशी के चुनाव प्रचार पर नजर रखी जा रही है।
फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर ग्रुप में बल्क रूप में प्रचार करने से पूर्व प्रत्येक प्रत्याशी को मीडिया कमेटी या फिर जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति इस प्रकार प्रचार करने वाले प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव आयोग की गाइड लाइन के तहत कार्रवाई की जाएगी।