उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि रेलवे लगातार सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है। 300 इंजनों में कवच लगना इसी अभियान की एक बड़ी सफलता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।
ऐसे काम करता है ‘कवच’
‘कवच’ को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) ने विकसित किया है। यह सिस्टम सिग्नल और ट्रैक डेटा के आधार पर काम करता है और जरूरत पड़ने पर ट्रेन को खुद-ब-खुद रोक सकता है। खासकर तब, जब लोको पायलट समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता या किसी वजह से रेड सिग्नल पार होने का खतरा बनता है।