इंदिरापुरम पुलिस ने कार सवारों पर एक्सीडेंट करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी देकर वसूली करने वाले तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों ने हाल में वसुंधरा निवासी एक युवक से रुपये वसूले थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात हजार रुपये, तमंचा और चाकू बरामद किया है।
सीओ इंदिरापुरम अंशु जैन ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर-10 निवासी अनिकेत ने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि वह दोस्त विपिन के साथ मोहन नगर से प्रह्लादगढ़ी आ रहे थे। प्रह्लादगढ़ी के पास वह सड़क किनारे रुक गए।
तभी पीछे से बाइक सवार तीन युवक उनकी कार के पास आए और अपने एक बाइक सवार दोस्त को कार से टक्कर मारकर भागने का आरोप लगाने लगे। उन्हें रिपोर्ट दर्ज कर जेल भिजवाने का झांसा देकर 15 हजार रुपये की मांग की। इस पर जेल जाने के डर से कार सवार दोनों दोस्तों ने 15 हजार रुपये दे दिए।
बाइक सवार तीनों कार सवारों की डिटेल नोट कर चले गए। शाम को तीनों उनके घर के नीचे पहुंचे गए और कॉल कर घायल दोस्त के इलाज के लिए और 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। रुपये नहीं देने पर घर के अंदर आने का दबाव बनाने लगे। वह और उनका परिवार डर गए और उन्हें 15 हजार रुपये पेटीएम कर दिया।
बाकी बाद में देने को कहा। आरोपी लगातार उनसे रुपये की मांग करते रहे। इस पर शनिवार को अनिकेत ने इंदिरापुरम थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इंदिरापुरम पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद आरोपी प्रमोद कुमार निवासी आहनग्राम बुलंदशहर, संदीप आर्य निवासी भगतपुरा थाना ब्रह्मपुरी मेरठ, अनिल उर्फ विपुल निवासी चिपयाना कॉलोनी बुलंदशहर को वसुंधरा सेक्टर-15 से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से पुलिस ने सात हजार रुपये और तमंचा बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक्सीडेंट करने का आरोप लगा कार चालकों को डरा-धमका कर उनसे रुपये वसूलते थे। उन्होंने कहां और किन अन्य लोगों से वारदातें की हैं उनका इतिहास खंगाला जा रहा है।