गाजियाबाद। जिले के चार औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों को रोशन करने का काम अगले माह तक पूरा हो जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने पुराने लाइटों को हटाकर 2900 एलईडी लाइटें लगाने का काम लगभग पूरा कर लिया है। करीब 13.37 करोड़ रुपये औद्योगिक क्षेत्रों में लाइटें लगाने पर खर्च किए जा रहे हैं। अलग-अलग जगह 58 हाईमास्ट लाइटें भी लगाने का काम किया जा रहा है।
यूपीसीडा ने करीब 690 एकड़ में बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया था, जिसमें स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का जिम्मा 1981 से नगर निगम संभाल रहा था। लेकिन नगर निगम की विशेषज्ञता औद्योगिक विकास प्राधिकरण से अलग होने के कारण लाइटों के अनुरक्षण कार्य में तमाम तरह की बाधाएं आ रही थीं। औद्योगिक संगठन लगातार समस्याओं का समाधान करने के लिए यूपीसीडा के समक्ष मांग उठा रहे थे। दिल्ली से नजदीक होने के कारण गाजियाबाद का औद्योगिक क्षेत्र अहम माना जाता है।
लाखों की संख्या में उद्यमियों और श्रमिकों का आनाजाना रहता है। सड़कों पर अंधेरा होने के कारण इन्हें परेशानियां उठानी पड़ रही थीं। ऐसे में यूपीसीडा ने सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, लोहा मंडी, साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र और साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों का नेटवर्क विकसित करने की रूपरेखा तैयार की, जिस पर अब अंतिम चरण में काम चल रहा है। पीएम गति शक्ति परियोजना के अंतर्गत यह काम कराया जा रहा है।
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सिग्नेचर सिटी में लगाईं 3,875 लाइटें
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के निर्देश पर करीब 9.27 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी में 3875 एलईडी लाइटें लगाने का काम पूरा हो गया है। यहां 43 हाईमास्ट लाइटें और सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 16 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
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कहां कितनी लाइटें लगेंगी
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औद्योगिक क्षेत्र लाइटों की संख्या लागत
बुलंदशहर रोड 916 4.11 करोड़
लोहा मंडी 240 1.38 करोड़
साउथ साइड जीटी रोड 785 3.42 करोड़
साइट-4 साहिबाबाद 1024 4.45 करोड़
वर्जन
औद्योगिक क्षेत्रों में चार स्थानों पर स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटें लगाने का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है, अन्य जगह काम तेजी से चल रहा है। अगले एक से डेढ़ महीने में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। - योगेंद्र सिंह, प्रबंधक (यूपीसीडा)