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Ghaziabad News: 251 किसानों को मिलेंगे 35 वर्ग मीटर के व्यावसायिक भूखंड

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साहिबाबाद। आवास विकास परिषद और वसुंधरा योजना के किसानों के बीच तीन दशक से चले आ रहे विवाद पर बुधवार को विराम लग गया। 251 किसानों ने वर्तमान दर पर लिखित सहमति दे दी है। इसके बाद आवास विकास परिषद ने विभिन्न सेक्टरों में 35-35 मीटर के व्यावसायिक भूखंड देने के प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शासन भेज दिया है। किसानों को लकी ड्रा के माध्यम से जल्द ही भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे। यह जानकारी आवास विकास परिषद वसुंधरा के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने पत्रकारवार्ता में दी।
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मित्तल ने बताया कि किसान यह व्यावसायिक भूखंड वर्ष 1999 की दर से लेने के लिए मांग कर रहे थे। जबकि वर्तमान दर अलग थी। लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद किसानों ने आवास विकास परिषद की बात मानते हुए 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करने के लिए लिखित में रजामंदी दे दी। इसके बाद उक्त प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए शासन भेज दिया गया है। अनुमोदन होने के बाद 251 किसानों को यह भूखंड वसुंधरा सेक्टर-1, 2 और 9 में ड्रा के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।
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यह था प्रकरण-
1990 के दशक में आवास विकास परिषद ने अर्थला, प्रहलादगढ़ी, कड़कड़, झंडापुर, मकनपुर एवं कनावनी की जमीन ली थी। करीब पांच हजार एकड़ जमीन पर साल 1992-1993 में वसुंधरा योजना बसाई थी। 601 किसानों की जमीन का अधिग्रहण हुआ था। तत्कालीन अनुबंध के अनुसार किसानों को अलग-अलग श्रेणी में आवासीय भूखंड के साथ व्यावसायिक भवन में दुकानें दी जानी थी। सभी किसानों ने आवासीय प्लॉट तो ले लिए, लेकिन 350 किसानों ने ही उस समय दुकान ली थी। जबकि 251 किसानों ने दुकान लेने से इन्कार कर दिया था। किसानों ने व्यावसायिक भूखंडों की मांग की थी। मांग पूरी कराने के लिए किसानों ने कई बार वसुंधरा कार्यालय से लखनऊ मुख्यालय तक प्रदर्शन किया।
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मंडोला विहार योजना में भी लगातार हो रहे प्रदर्शन

मंडोला विहार योजना में भी किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 2800 किसान कई मांगों को लेकर आवास विकास के खिलाफ धरने पर बैठे हुए हैं। कई बार ट्रैक्टर लेकर मंडोला योजना के अंदर तक जा चुके हैं। इसके कारण यहां पर आवास विकास की कई परियोजना देरी का शिकार हो चुकी है।
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