ट्रैक पर हो रहा था कार्य, तभी आ गई मालगाड़ी, हादसा बचा
हापुड़। रेलवे स्टेशन पर सोमवार को दोपहर बड़ा हादसा होते-होते बचा। हुआ यह कि ट्रैक नंबर आठ पर बिना ब्लाक लिए मरम्मत कार्य चल रहा था। रेलवे पटरी पर एक ट्रैक्टर ट्राली स्लीपर उतार रही थी। इसी बीच ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई। मालगाड़ी के ड्राइवर ने ट्रैक्टर ट्राली देखते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोककर बड़ा हादसा होने से बचा लिया। इसी बीच मेन लाइन पर आ रही रनथ्रू श्रमजीवी एक्सप्रेस को रोकना पड़ा। काठगोदाम एक्सप्रेस को बाबूगढ़ में रोका गया। इसके चलते तकरीबन आधा घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। डीआरएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कहा है कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हापुड़ रेलवे स्टेशन पर ट्रैक नंबर आठ की मरम्मत का कार्य चल रहा। सोमवार को दोपहर इंजीनियरिंग विभाग द्वारा प्लेटफार्म नंबर पांच के पास ट्रैक नंबर आठ को लिफ्ट करने का कार्य कराया जा रहा था। बताते हैं कि इस ट्रैक पर कार्य के लिए स्टेशन मास्टर से ब्लाक नहीं लिया गया। ऐसे में स्टेशन मास्टर के निर्देश पर तकरीबन 3:20 बजे खुर्जा की ओर से आ रही एक मालगाड़ी को इस लाइन पर दिया गया। वहां लाइन पर ट्रैक्टर ट्राली स्लीपर उतार रही थी। ट्रैक पर अचानक मालगाड़ी को आता देख कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। उधर, मालगाड़ी के ड्राइवर ने पटरी पर ट्रैक्टर ट्राली को देखकर आनन फानन में इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और मामले की की जानकारी कंट्रोल रूम को दी। इस पर तुरंत गाजियाबाद की ओर से आ रही रनथ्रू श्रमजीवी एक्सप्रेस को स्टेशन पर रोका गया। क्योंकि पास हो रही मालगाड़ी का बड़ा हिस्सा उस समय मेन लाइन पर था। बाद में ट्रैक से ट्रैक्टर ट्राली को हटाकर मालगाड़ी को मेन ट्रैक से हटाकर श्रमजीवी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे आगे निकाला गया। इस घटना के कारण तकरीबन आधा घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। दो ट्रेनें व एक मालगाड़ी बाधित रही।
उधर, इस बाबत स्टेशन अधीक्षक मुनीराम मीणा का कहना है कि इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ब्लाक नहीं लेने के कारण यह घटना हुई है। पूरे मामले की रिपोर्ट महकमे के बड़े अफसरों को भेजी जा रही है। वहीं, डीआरएम एके सिंघल का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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