दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर को लगभग ग्रीन सिग्नल मिल गया है। दिल्ली में वित्त मंत्रालय में केंद्र सरकार के वित्तीय मामलों के पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) की बैठक में बोर्ड सदस्यों ने प्रोजेक्ट पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसे प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के तौर पर देखा जा रहा है। इसी हफ्ते पीआईबी की हरी झंडी मिलते ही प्रोजेक्ट को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। फिर रूट सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम फाइनल निरीक्षण करेगी। दूसरी ओर मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर का बजट 25 करोड़ और घट गया है।
वित्त मंत्रालय नार्थ ब्लॉक में हुई पीआईबी की बैठक गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, डीएमआरसी, रेलवे, आईबी, सांख्यिकी सहित जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा व सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने शिरकत की। बैठक में केवल कॉरिडोर की उपयोगिता के बारे में हुए सवाल-जवाब में डीएमआरसी की ओर से प्रोजेक्ट के लोगों के समय व पैसे की बजत के अलावा सुविधा जनक होने की बात कही गई। प्रोजेक्ट की पैरवी भारत सरकार में सचिव यूपी काडर के डीएस मिश्रा ने भी की। प्रोजेक्ट में 95 फीसदी से अधिक काम होने के चलते कोई आपत्ति सामने नहीं आई। ऐसे में अब प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर को इसी हफ्ते स्वीकृति मिलने के बाद कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो कैबिनेट की इस हफ्ते मुहर लगने के बाद रूट सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम द्वारा करीब 10 दिन तक निरीक्षण किया जा सकता है। ऐसे में जनवरी में ही प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद अंशदान का 239.47 करोड़ जीडीए को मिल जाएगा।
मेट्रो फेज-2 का बजट 25 करोड़ घटकर हुआ 1780 करोड़
मेट्रो फेज-2 को लेकर हुई पीआईबी की बैठक में डीएमआरसी के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें अब प्रोजेक्ट का बजट 25 करोड़ घटकर 1780 करोड़ रह गया है। ऐसे में जीडीए को दूसरी बार बढ़ी राहत मिली है। इससे पहले दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर की अंतिम बजट रिपोर्ट में डीएमआरसी ने 405 करोड़ रुपये कम बताते हुए 1805 करोड़ रुपये अंतिम लागत बताई थी। प्राधिकरण की ओर से डीएमआरसी को करीब 1100 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। लागत घटने से विभिन्न विभागों का अंशदान कम हो जाएगा। अभी तक केंद्र सरकार का अंशदान 239.47 करोड़, जीडीए, यूपीएसआईडी, आवास विकास का अंशदान 957.90 करोड़, अन्य टैक्स को मिलाकर अंतिम बजट 1805 करोड़ था।
मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर को लेकर पीआईबी की बैठक में कोई आपत्ति नहीं उठी। डीएमआरसी ने बैठक में प्रोजेक्ट की कुल लागत में और कटौती की बात कही है।
- कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए