पांच जिलों के पासपोर्ट आवेदकों को नहीं लगानी होगी गाजियाबाद की दौड़
पासपोर्ट बनवाने और विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए अलीगढ़ और सहारनपुर सहित पांच जनपदों के लोगों को गाजियाबाद के चक्कर नहीं काटने होंगे। विदेश मंत्रालय ने दूसरे चरण में 19 जनपदों के हैड पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओ पीएसके) खोलने का निर्णय लिया है।
इसमें गाजियाबाद रीजनल पासपोर्ट ऑफिस से जुड़े अलीगढ़ और सहारनपुर के नाम शामिल हैं। दोनों जनपदों में पीओ पीएसके खुलने से अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन आवेदन के बाद दस्तावेजों की वेरिफिकेशन कराने के लिए उन्हें गाजियाबाद नहीं आना होगा। विदेश मंत्रालय की ओर से पहले चरण में नोएडा, मेरठ, आगरा और मथुरा के हैड पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने का निर्णय किया था।
इसके बाद अलीगढ़ व सहारनपुर को भी शामिल करने से गाजियाबाद रीजनल पासपोर्ट कार्यालय के क्षेत्राधिकार में आने वाले 13 जनपदों के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
मेरठ के पीओ पीएसके से मेरठ, शामली, सहारनपुर व बागपत, आगरा में खुलने वाले पीएसके से हाथरस, नोएडा के पीओ पीएसके से गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।
रीजनल पासपोर्ट अधिकारी सुब्रतो हाजरा ने बताया कि मंत्रालय की ओर से दूसरे चरण में अलीगढ़ के साथ मुरादाबाद, अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, गौंडा, जौनपुर, कुशीनगर, मऊ, सीतापुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर और उन्नाव के हैड पोस्ट ऑफिस में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलेंगे। पहले और दूसरे चरण के सभी पीओ पीएसके जल्द ही काम करना शुरू कर देंगे।