गाजियाबाद। चार वर्ष पहले मुरादनगर क्षेत्र में किशोरी को बहला फुसला कर बाइक से ले जाकर दुष्कर्म करने के दोषी जाहिद को पॉक्सो कोर्ट ने 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के विशेष न्यायाधीश नीरज गौतम ने निर्णय में दोषी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड से मिली धनराशि में से 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में किशोरी को दिए जाने का आदेश दिया है। दोषी केस की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं कर सका था, उसकी पैरवी न्याय मित्र ने की थी।
पॉक्सो कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार आठ अप्रैल 2021 को एक व्यक्ति ने मुरादनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी रात में करीब 11.20 बजे घर से कहीं चली गयी है। घर से जाते उनकी बेटी दो मोबाइल फोन, दस हजार रुपये और एक जोड़ी सोने के कुंडल लेकर गई है। यह भी बताया कि व्यक्ति की बेटी पड़ोसी की लड़की से बात करती थी। घटना के समय पड़ोसी की पत्नी उनके घर पर आई थी और छत पर गई थी। जब लड़की रात को घर से गई थी, तब बाहर से कुंडी लगा दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जाहिद नामक के युवक के घर से किशोरी को बरामद किया था। बयान दर्ज कराते हुए किशोरी ने बताया था कि तीन महिला व तीन पुरुष ने उसे जाहिद नामक युवक के साथ भेज दिया था। बताया था कि सभी लोग माल चल रहे हैं। जाहिद उसे बाइक से ले गया था। वह कभी किशोरी को लेकर कभी हरियाणा, कभी कहीं लेकर गया। एक महीने तक कई क्षेत्रों में घुमाता रहा। इस दौरान जाहिद ने किशोरी से कई बार दुष्कर्म किया। वह हमेशा किशोरी को घर में बंद करके रखता था। किसी तरह से बच निकली थी। पुलिस ने जाहिद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया था। उसके बाद से ही जाहिद जेल में बंद है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे। बचाव पक्ष ने कहा कि डीएनए जांच में भी पुष्टि नहीं हुई है। युवक को झूठा फंसाया गया है।