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बिजली कटौती से हाहाकार, पेयजल संकट भी गहराया

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बिजली कटौती से हाहाकार, पेयजल संकट भी गहराया
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बिजली कटौती के साथ अब लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है। शहर में 15 घंटे और गांव में 10 से 12 घंटे बिजली की सप्लाई की जा रही है। बिजली कटौती का असर कल कारखानों पर भी पड़ रहा हैै।

यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद मंडल मुख्यालयों को 24 घंटा, जिला मुख्यालयों को 22 घंटा, तहसील मुख्यालयों को 18 घंटा और गांवों को 16 घंटा बिजली सप्लाई का वादा किया था। लेकिन 100 दिन में दावा फ्लाप साबित हो गया।
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यूपी में नए निजाम के आने से शहर और गांव में बिजली सप्लाई के हालात थोड़ा बेहतर जरूर हुए, लेकिन गांवों में अभी भी 10 से 12 घंटा ही बिजली की सप्लाई हो पा रही है। शहरों में 14-15 घंटे से ऊपर बिजली सप्लाई का ग्राफ नहीं बढ़ा है।

ऐसे में लोगाें की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सोमवार को बिजली कटौती से लोग बिलबिला गए। व्यापारियों का कहना है कि बिजली कटौती ने लघु उद्योग धंधों की कमर भी तोड़ दी है।

बारिश में जगह-जगह बिजली फाल्ट आने से कटौती नहीं रुक रही है। जिला मुख्यालय भी बिजली कटौती से अछूता नहीं रहा। डिबाई, स्याना, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा देहात क्षेत्र में कटौती का हाल ठीक नहीं है।
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कुल मिलाकर बिजली ने आम उपभोक्ता को रुला दिया है। हालांकि अफसर जल्द हालात सुधारने की बात कह रहे हैं। पावर एसई ओपी यादव ने बताया कि मांग अधिक होने से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या है। गर्मी में बिजली की डिमांड भी बढ़ी है। हालात जल्द ही काबू में होंगे।

क्षेत्र रोस्टर आपूर्ति मिल रही बिजली
बुलंदशहर 22 घंटा 15-16 घंटा
खुर्जा 18 घंटा 14-15 घंटा
सिकंदराबाद 20 घंटा 14-15 घंटा
अनूपशहर 18 घंटा 14-15 घंटा
शिकारपुर 18 घंटा 14-15 घंटा
डिबाई 18 घंटा 14-15 घंटा
स्याना 18 घंटा 14-15 घंटा
जहांगीराबाद 20 घंटा 14-15 घंटा
गुलावठी 20 घंटा 14-15 घंटा
गांव 16 घंटा 10-12 घंटा

बिजली कटौती का असर व्यापार पर भी पड़ने लगा है। गर्मी में बिजली कटौती ने दिनचर्या बिगाड़ रखी है। - राजेश कुमार, व्यापारी

दिन में महज आठ घंटा बिजली दी जा रही है, जबकि हमारा काम बिजली से दिन में चलता है। 12 घंटा दिन में लाइट मिले तो काम बन पाएगा। - सुमित कुमार, व्यापारी

पीक आवर्स में बिजली कटौती होने से पेयजल की समस्या रहती है। बिना बिजली पालिका की टंकी से पानी की सप्लाई नहीं होती। - साधना रानी, गृहणी

बिजली कटौती और पेयजल की किल्लत ने आम आदमी को संकट में डाल दिया है। हालत यह है कि बिजली के बिना पानी नहीं मिल पाता है। - प्रीति पाठक, गृहणी
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