गाजियाबाद। निडौरी स्थित जयप्रकाश गर्ल्स इंटर कॉलेज के छात्रावास में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब भोजन करने के कुछ समय बाद 18 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी। आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से 13 छात्राओं को डासना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के बाद सोमवार को सभी को छुट्टी दे दी गई।
निडौरी गांव में जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जयप्रकाश गर्ल्स इंटर कॉलेज में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग की कुल 382 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कॉलेज परिसर में ही छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है।
रविवार को अन्य दिनों की तरह छात्रावास में सभी छात्राओं को भोजन परोसा गया था। भोजन करने के बाद रात में अचानक कुछ छात्राओं की तबीयत खराब होने लगी। पेट दर्द व उल्टी की शिकायत बढ़ने पर छात्रावास प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई।
डासना सीएचसी प्रभारी डॉ. प्राची पाल ने बताया कि बीमार छात्राओं से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने भोजन में पनीर की सब्जी खाई थी। प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए।
बीमार हुई 18 छात्राओं में से 13 को एहतियातन भर्ती किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और सोमवार दोपहर तक सभी छात्राओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डासना सीएचसी से डॉ. आशुतोष, डॉ. गरिमा, स्टाफ नर्स पूनम और फार्मासिस्ट सचिन ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
समाज कल्याण अधिकारी ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका से किया इनकार
मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी संदीप चौधरी ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि छात्रावास में स्वयं सहायता समूह की ओर से रसोई संचालित की जाती है। अगर पनीर की सब्जी में कोई खराबी होती तो सभी 382 छात्राएं प्रभावित होतीं। ऐसे में संभव है कि ठंड लगने या अन्य कारणों से कुछ छात्राओं को पेट दर्द की शिकायत हुई हो।
सोमवार सुबह दोबारा की गई जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एहतियात के तौर पर सोमवार सुबह कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें बीमार हुई सभी 18 छात्राओं के साथ 50 से अधिक अन्य छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। अन्य किसी छात्रा में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं पाए गए। फिलहाल, सभी छात्राओं की हालत में सुधार है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
इन छात्राओं को कराना पड़ा भर्ती
खुशी (17), त्रिशा (13), वंशिका (15), खुशी (16), पूनम (17), हिमांशी (16), अनम (15), जेविका (15), अंशिका त्यागी (15), अरुचि (17), खुशबू (18), साक्षी (13) और शिवानी (16)।