रफ्तार ने गर्भ में पल रहे बच्चे सहित चार जिंदगी छीनी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गन्ने के ओवरलो़ड वाहनों की रफ्तार ने गर्भ में पल रहे बच्चे और उसकी मां समेत तीन की जिंदगी छीन ली, लेकिन इससे पहले भी चार माह के दौरान हुए दर्जनों हादसों के बाद भी पुलिस और प्रशासन समेत संभागीय परिवहन विभाग गन्ने के ओवरलोड वाहनों पर कोई शिकंजा कसने को तैयार नहीं हैं।
सिंभावली थाना क्षेत्र में जिस ऑटो को गन्ने के ट्रक ने टक्कर मारी, उसमें सवार रियाजू अपनी 6 माह की गर्भवती पत्नी अंजुम के साथ हापुड़ को जा रहा था, जहां से उसे पिलखुवा में अपनी ससुराल जाना था। क्योंकि पिता की मौत होने पर अंजुम की मां इद्दत कर रही थी, जिसके पूरा होने वह मां से मिलने जा रही थी। लेकिन अति व्यस्तम हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को ऐसी टक्कर मारी कि उसमें सवार गर्भवती अंजुम समेत एक अज्ञात महिला तथा ऑटो चालक आशिक उर्फ काले की मृत्यु हो गई। गर्भ में पल रही नन्ही सी जान को लेकर अंजुम और उसका पति रियाजू बेहद गंभीरता के साथ कदम उठा रहे थे, लेकिन ट्रक की तेज रफ्तार ने मौत का ऐसा झपट्टा मारा कि कोख में पल रही नन्ही सी जान भी दुनिया की खुली हवा में आंख खोलने से पहले ही मां के साथ चल बसी। हाईवे पर इससे पहले दस फरवरी को ब्रजघाट के पास ट्रक की टक्कर लगने से गुरूग्राम से छोटे भाई की शादी में शिरकत करने आ रहे अकरम, उसकी पत्नी नसरीन समेत पांच साल की गोद ली बेटी जोया और 18 फरवरी को छोटे भाई की शादी के मद्देनजर गढ़ के गांव अठसैनी से जीजा को घर ले जाने के दौरान मेरठ रोड पर नानपुर में ट्रक की टक्कर लगने से गांव ललियाना के चांद मोहम्मद की मौत हुई थी। हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन समेत संभागीय परिवहन विभाग के अफसर ठोस कदम उठाने की बजाए महज औपचारिकता पूरी करने में जुटे हैं।
एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य, डीएसपी संतोष मिश्रा और एआरटीओ प्रणव झा का कहना है कि संयुक्त रणनीति बनाकर ओवरलोड गन्ना ढोने वाले तथा डग्गामार वाहनों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।