सोते रहे अफसर, नाले ने फिर ले ली मासूम की जान
गाजियाबाद। चमन कॉलोनी के नाला को लेकर नगर निगम का रवैया शर्मनाक रहा। करीब आधा किमी लंबा खुला था। एक के बाद एक बच्चे उसमें गिरते रहे। दो बच्चों की मौत हो गई और निगम के अफसर सोते रहे। दो बच्चों के मौत होने के बाद अब नाली की बाउंड्री बनाने का काम शुरू हुआ है। करीब डेढ़ वर्ष पहले बनाया गया था। नाला सात फीट गहरा और 8 से 10 फीट चौड़ा है। बीच में पटिया पड़ी है। नाला रोड से सटकर बना है। यही कारण है कि बच्चे अकसर खेलते हुए नाले के पास चले जाते हैं।
लोगों का आरोप है कि नाले को बनाते वक्त निगम अधिकारियों ने डिजाइन में खेल कर दिया। सीमेंटेड नाले का जमीन से ऊपर तक बनाया जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस व सपा के पार्षद खफा हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी नगर आयुक्त मौके पर नहीं आए। रविवार को आहिल की मौत के एक दिन बाद ही नगर निगम की लापरवाही से एक और बच्चे की जान चली गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाले को गलत ढंग से बनाया गया है। इसे बंद किया जाना जरूरी है। रविवार को जब आहिल की मौत हुई थी, तब भी नगर आयुक्त ने मौक पर आकर लोगों को आश्वासन नहीं दिया। कांग्रेसी पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि निगम अधिकारियों के इशारे पर ही पुलिस ने पार्षदों की पिटाई की। लोगों की जायज मांग को दरकिनार करते हुए एफआईआर दर्ज करा दी गई। अब मंगलवार को अयान की मौत हो गई। इस पर भी नगर आयुक्त मौके पर नहीं पहुंचे। वस्तुस्थिति को जानने की कोशिश भी नहीं की। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी पहुंचे, निगम प्रशासन ने कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं आया। अयान के पिता कयूम फेरी लगाकर साड़ी बिक्री करते हैं। उधर, अयान की मौत के बाद लोगों में नगर निगम अधिकारियों को लेकर काफी गुस्सा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आधा किलोमीटर लंबा नाला खुला पड़ा है। न तो दीवार लगी है और न ही जाल बिछाया गया। जनप्रतिनिधियों की अधिकारी सुनते नहीं। विकास चुनिंदा वार्डों में ही किया जा रहा है। अगर बच्चों की जान बचानी है तो नाले का हर हालत में बंद करना होगा।
कांग्रेस व सपा नेता बैठे धरने पर
कांग्रेस नेता डोली शर्मा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य विजय चौधरी, महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, बबली नागर और सपा से महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मुन्नी चमन कॉलोनी में नाले के पास ही धरने पर बैठ गए। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि नाले को बंद करना अब जरूरी हो गया है। नगर आयुक्त अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं। अगर नाले को बंद नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ित दोनों परिवार को नगर निगम अपने स्तर से मुआवजा दिलाए।
नाले को बंद करने का सपा ने दिया था पत्र
समाजवादी पार्टी पदाधिकारियों ने कैला भट्ठा के मुख्य नाले व अन्य नालों पर जरूरी सुरक्षा उपाय करने का एक पत्र डीएम रितु माहेश्वरी को फरवरी में दिया था। इनकी मांग थी कि नाले काफी गहरे हैं और कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसलिए जरूरी है कि नालों की समय-समय पर सफाई हो और उस पर जाल बिछाया जाए। पत्र देने के बाद भी प्रशासन व नगर निगम की नींद नहीं खुली।
नगर आयुक्त का कहना
नगर आयुक्त सीपी सिंह का कहना है कि चमन कॉलोनी के नाले के दोनों तरफ करीब चार फीट की दीवार खड़ी की जाएगी। इसका कार्य मंगलवार शाम से ही शुरू कर दिया गया है। एक-दो दिन में यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।