खुर्जा में किशोर की आत्महत्या की घटना के बाद अस्पताल में मौजूद परिजन व अन्य। संवाद
खुर्जा। नवलपुरा मोहल्ले में बृहस्पतिवार शाम को दादा की लाइसेंसी पिस्टल से 17 वर्षीय पोते ने कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। छोटी बहन कमरे में पहुंची तो परिवार को इसकी जानकारी मिली। मामले में सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की वजह नहीं पता चल सकी है।
नवलपुरा मोहल्ला निवासी राहुल बंसल का पुरानी सब्जी मंडी में चीनी का थोक का कारोबार है। राहुल बंसल ने बताया कि उनके 17 वर्षीय बड़े बेटे ने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की थी। देहरादून के कॉलेज में बीटेक में प्रवेश लिया था। फिलहाल खुर्जा में ही परिवार के साथ रह रहा था। बृहस्पतिवार शाम को वह किसी को बिना बताए छत पर बने कमरे में चला गया था। वहीं पर पिस्टल से दाहिनी कनपटी पर गोली मार ली।
कुछ देर में खेलते हुए छोटी बेटी छत पर गई तो उसने उसे लहूलुहान अवस्था में देखा। बच्ची ने आवाज लगाकर अपनी मां रितिका को बुलाया। रितिका ऊपर गई तो वैदिक को लहूलुहान देखा और मदद के लिए शोर मचाया तो मौके पर पहुंचे पड़ोसी संचित बंसल घायल किशोर लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ खुर्जा पूर्णिमा सिंह व कोतवाली प्रभारी राजपाल तोमर टीम के साथ घर पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। रात करीब आठ बजे के बाद फोरेंसिक टीम भी जांच करने पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
किशोर ने दाहिनी तरफ से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से दादा अरविंद बंसल की लाइसेंसी पिस्टल मिली है। आत्महत्या के कारण की जानकारी ली जा रही है। - पूर्णिमा सिंह, सीओ खुर्जा
तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था
मृतक किशोर तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई 15 साल का है, जबकि बहन नौ साल की है। किशोर खुर्जा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजीव बंसल का रिश्ते में भतीजा लगता था। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और उनके परिवार के सभी लोग एक ही कॉलोनी में रहते हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पढ़ाई में था होशियार
पड़ोसी संचित बंसल ने बताया कि मृतक किशोर पढ़ाई में होशियार था। दिल्ली पब्लिक स्कूल बुलंदशहर से 12वीं की परीक्षा 95 प्रतिशत अंक के साथ पास की थी। इंजीनियर बनना उसका सपना था। इसके लिए उसने बीटेक में प्रवेश लिया। दूसरे पड़ोसी आशीष शर्मा ने बताया कि अनुशासित बच्चा था। आते-जाते समय सभी से नमस्ते करता था। घर का बड़ा बेटा होने के साथ काफी समझदार और जिम्मेदार भी था।