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पीआरवी ने बचाई दो लोगों की जान

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पीआरवी ने समय पर पहुंचकर दो की बचाई जान
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डायल-100 पर दी गई सूचना पर की त्वरित कार्रवाई
पति से झगड़े के बाद महिला रेलवे ट्रैक पर पहुंची थी
बेटे से झगड़े के बाद पिता ने बाथरूम में खुद को कर लिया था बंद

अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। पति से झगड़े के बाद रेलवे ट्रैक पर कटने जा रही महिला को पीआरवी पुलिस ने बचाया। वहीं दूसरी घटना में झगड़े के बाद चाकू लेकर बाथरूम में घुसे व्यक्ति को लहूलुहान हालत में दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। पीआरवी पुलिस अस्पताल ले गई, जिससे उसकी भी जान बच गई। पीआरवी ने दोनों की जान बचा ली।
पिछले कुछ दिनों में पीआरवी पुलिस ने जिले में अच्छा कार्य किया है। इसके लिए जिले की पीआरवी की प्रशंसा भी हुई है। पीआरवी ऑफ द डे का पुरस्कार कई बार मिल चुका है। 20 मार्च की शाम करीब साढ़े चार बजे पीआरवी-1890 को सूचना मिली कि न्याय खंड की रहने वाली महिला का किसी बात को लेकर पति से झगड़ा हो गया है। झगड़े के बाद महिला नाराज होकर होकर भाटिया मोड़ स्थित रेलवे ट्रैक पर जान देने के लिए जा रही है। 100 नंबर से सूचना मिलने के बाद पीआरवी कुछ ही मिनट में रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार ने बताया कि महिला के सामने से ट्रेन आ रही थी और वह ट्रेन के सामने दौड़ लगा रही थी। उसे भागकर खींचकर साइड किया, जिससे उसकी जान बच गई। बताया कि बाद में महिला को समझाकर घर छोड़कर आए। पीआरवी को बालमुकुंद चला रहे थे और अरविंद उनके साथ थे।
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दूसरा मामला 22 मार्च की शाम गोविंदपुरम का है। गौड़ होम्स सोसायटी में रहने वाले एक लड़के ने 100 नंबर पर सूचना दी कि उसके पिता ने चाकू लेकर खुद को बाथरूम में बंद कर लिया है। सूचना पर सिपाही बिबलीश पांच मिनट में पीआरवी-2152 को लेकर टीम के अन्य सदस्यों के साथ सोसायटी में पहुंच गए। उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से नहीं खुला। बिबलिश ने साथी विवेक कुमार और जंगे सिंह के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ दिया दिया। देखा कि 55 वर्षीय व्यक्ति फर्श पर लहूलुहान हालत में पड़ा था। तत्काल उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत में सुधार है। बताया कि वह परिवार में किसी बात को लेकर नाराज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या करने का प्रयास किया। पीआरवी की मदद से उनकी जान बच गई।

पांच से सात मिनट में घटना पर पहुंच जाती है पीआरवी
जिले में पिछले दिन लगातार हुईं घटनाओं में पीआरवी का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। 100 नंबर पर सूचना के बाद पीआरवी पांच से सात मिनट के अंतर पर पहुंच गई है। इससे पहले भी रेलवे ट्रैक पर महिला की जान बचा चुकी है। एक इंस्पेक्टर को भी पीआरवी ने समय से पहुंचकर बचा लिया था। वह मेट्रो स्टेशन पर जान देने पहुंच गए थे।
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वर्जन......
जिले की पीआरवी अच्छे से कार्य कर रही है। सूचना मिलने पर कुछ ही मिनट में पहुंचकर लोगों की मदद कर रही है। इसके लिए कई बार जिले की विभिन्न पीआरवी को पीआरवी ऑफ द डे मिला है।
श्लोक कुमार, एसपी सिटी
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