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नहरों में टेल तक नहीं पहुंचा पानी, कलक्ट्रेट पर किसानों ने किया हंगामा

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नहरों में टेल तक नहीं पहुंचा पानी, कलक्ट्रेट पर किसानों का हंगामा
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नहरों में पानी नहीं होने और जिन नहरों में पानी छोड़ा गया, वहां टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर किसानों ने कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया।

किसानों ने समय पर सिंचाई न होने से फसल बर्बाद होने पर अफसरों को जिम्मेदार ठहराया। चेतावनी दी कि यदि पानी टेल तक नहीं पहुंचा तो आंदोलन किया जाएगा।

भाकियू के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने मध्य गंगा नहर में पानी नहीं छोड़ने और नहरों की सफाई नहीं होने और टेल तक पानी नहीं पहुंचने के विरोध में प्रदर्शन किया।

भाकियू ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि मध्य गंग नहर में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है। 20 जून तक पानी छोड़ने की तिथि घोषित थी, लेकिन धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया है।
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इसके अलावा लखावटी ब्रांच और शिकारपुर रजवाहे में हैड से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। नहरों की साफ-सफाई नहीं होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों के ऊपर दर्ज रिपोर्ट खत्म करने की मांग की गई है।

जनपद के चिह्नित डार्क जोन खत्म करने के लिए जिलाधिकारी से मांग की गई, जिससे किसानों को नलकूप के कनेक्शन मिल सकें। डीएम ने किसानों की मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ज्ञापन देने वालों में कैप्टन यशस्वी, जिलाध्यक्ष युवा गुड्डू प्रधान, चौधरी ओमपाल सिंह, नानक चंद्र, करमवीर सिंह, रवि किरन सिंह, जयगोपाल शर्मा, दयाचंद शर्मा, सत्यपाल सिंह आदि रहे।

कलक्ट्रेट में नो एंट्री पर किसानों का हंगामा : कलक्ट्रेट में नो एंट्री पर किसानों ने गेट पर ही हंगामा शुरू कर दिया। नहरों में पानी नहीं छोड़ने और टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों को पुलिस ने गेट पर ही रोक दिया।

इस पर किसान बिफर गए। किसानों ने गेट पर ही हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों के हंगामे के कारण करीब 20 मिनट तक जाम लग गया। सिटी मजिस्ट्रेट गेट पर पहुंचे और किसानों को अंदर आने दिया। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
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बजट के अनुसार हुई सफाई : सिंचाई अफसरों का कहना है कि बजट के अनुसार सफाई का काम किया गया। एक्सईएन सिंचाई रविंद्र चौधरी का कहना है कि जितना बजट शासन से दिया गया, उसके अनुरूप साफ-सफाई का काम किया गया।
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