सिकंदराबाद । विवाह अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए गरीब पिता महीनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है। लाख प्रयासों के बाद भी अनुदान राशि नहीं मिलने से गरीब पिता आहत है।
ककोड़ क्षेत्र के गांव अरौंडा निवासी सुरेश पुत्र हरज्ञान सिंह ने बताया कि उसकी आर्थिक हालत खराब है। गांव-गांव जाकर चूरन बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करता हैं। बताया कि 11 दिसंबर 2018 में उसने अपनी पुत्री प्रियंका की शादी की थी। उसने विवाह अनुदान योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि के लिए ऑन लाइन आवेदन किया था। 23 दिसंबर 2018 को ऑन लाइन आवेदन की मूल प्रति एडीओ समाज कल्याण को जमा कराई थी। बताया कि अनुदान राशि के नहीं मिलने पर जब उसने जिला समाज कल्याण कार्यालय में जानकारी की तो पता चला कि एडीओ समाज कल्याण द्वारा आवेदन की मूल प्रति कार्यालय में जमा नहीं कराई गई। बताया कि एडीओ की लापरवाही के चलते उसे विवाह अनुदान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आवेदन के बाद से ही वह सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा हैं। योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण वह आहत है। पीड़ित ने बीडीओ को प्रार्थना पत्र देते हुए योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की। एडीओ समाज कल्याण ने बताया कि आवेदन की मूल प्रति जिला समाज कल्याण कार्यालय में जमा कराने के दो दिन बाद ही आचार संहित लग गई। आचार संहिता के चलते योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित को योजना का लाभ दिलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।