एक्साइज ड्यूटी लगाने और पैन कार्ड अनिवार्य करने के विरोध में सर्राफा कारोबारियों ने सोमवार को राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर जाम लगाकर हंगामा किया। इस कारण पहले से ही जाम से जूझ रहे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गर्मी में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने 15 मिनट में ही सर्राफा कारोबारियों को एनएच-58 से हटा दिया, मगर ट्रैफिक पुलिस को हाईवे पर यातायात सामान्य करने में डेढ़ घंटे का समय लगा।
सर्राफा कारोबारियों ने आंदोलन के 27वें दिन सोमवार को चौपला मंदिर के पास धरना स्थल पर सुबह बैठक की। इसके बाद पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सर्राफा कारोबारियों ने दोपहर 12.45 बजे राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर पहुंचकर एनएच-58 को जाम कर दिया।
इससे राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जल्दी के चक्कर में कुछ वाहन रांग साइड से निकलने की कोशिश करने लगे। इससे हालात और खराब हो गए। वाहन आडे़-तिरछे होकर बुरी तरह फंस गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने सर्राफा कारोबारियों को समझाकर 15 मिनट में ही हाईवे से हटा दिया। हालांकि इसके बावजूद भी यातायात को सामान्य करने में डेढ़ घंटे का समय लगा। सर्राफा एसोसिएशन के प्रदेश पदाधिकारी गौरव गर्ग ने बताया कि चक्काजाम में स्वर्णकार मेढ़ राजपूत संघ, स्वर्णकार संघ और सर्राफा एसोसिएशन आदि भाग लिया।
कारोबारी चक्का जाम कर हाईवे पर सफर को बेपटरी कर सकते थे, लेकिन हमारा उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं है। हम शांति से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
यात्रियों ने किया विरोध, हुई नोकझोंक
हाईवे जाम होने से नाराज कुछ यात्रियों की सर्राफा कारोबारियों और पुलिस से नोकझोंक हुई। इलाज के लिए परिजनों के साथ दिल्ली जा रही दीपिका वर्मा ने चौराहे पर जमकर हंगामा किया। उसने पूछा कि इसमें हमारी क्या गलती है? हिम्मत है तो वित्त मंत्री के घर के बाहर जाकर बैठो। पब्लिक को परेशान करने की इजाजत आखिर किसने दी है?
गर्मी में एक घंटे से जाम में फंसे हैं। बच्चों की हालत खराब है। आखिर पब्लिक क्यों परेशान हो। - गौरव सिंह, यात्री
कोई यह बताने को ही तैयार नहीं है कि जाम क्यों लगाया है। जरूरी काम के लिए जा रहे हैं, घंटे भर से गाड़ी एक भी आगे ने सरकी है। पुलिस जाम लगाने वालों पर कार्रवाई करे।
- हरिओम सिंह, यात्री।