तालाबों की खुदाई कराकर आमदनी भी करेगा नगर निगम
नगर निगम तालाबों की खुदाई करने के बाद उनका अस्तित्व बचाने के साथ ही अपनी आमदनी बढ़ाने का जरिया भी बनाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराकर महापौर व पार्षदों से भी स्वीकृति ली जाएगी। निगम को इससे प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आमदनी हो सकती है।
नगर निगम तालाबों का जीर्णोद्धार कराकर उन्हें मछली पालन के लिए पट्टे पर देने की योजना बना रहा है। योजना को लागू करने से पहले निगम बोर्ड की अनुमति भी ली जाएगी। नगर निगम की सीमा क्षेत्र में करीब 134 तालाब थे, लेकिन सभी पाट दिए गए हैं।
इनमें से 40 तालाब ऐसे हैं, जिन पर कब्जा नहीं है, लेकिन मिट्टी से भराव कर दिया गया। एनजीटी के आदेश पर अब नगर निगम को सभी 134 तालाब खाली कराने होंगे। तालाबों की जमीन पर घनी आबादी बस जाने की वजह से कई तालाबों के लिए सरकारी विभाग अन्य स्थानों पर जमीन उपलब्ध कराएंगे।
नगर निगम एनजीटी के आदेश पर अब तालाब खाली कराने की प्लानिंग कर रहा है, लेकिन अफसरों की टेंशन इस बात को लेकर है कि इन तालाबों का अस्तित्व बचाए रखना कैसे संभव होगा।
दोबारा कब्जे होने की आशंका के चलते अब नगर निगम तालाबों को पुराने सिस्टम के तहत पट्टे पर मछली पालन के लिए देने की प्लानिंग कर रहा है।
नगर आयुक्त चंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि तालाबों का जीर्णोद्धार कराकर उन्हें नियमित अवधि के लिए पट्टे पर दिए जाएंगे,
ताकि तालाब भी सुरक्षित रहे और निगम की आमदनी भी बढ़े।