डीएम के आश्वासन पर 273वें दिन किसानों का धरना समाप्त
फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजे धनराशि बढ़ाने की मांग को लेकर मैना-मौजपुर गांव में किसानों का धरना डीएम के आश्वासन के बाद 273वें दिन समाप्त हो गया।
डीएम ने कमिश्नर के यहां होने वाली सुनवाई में किसानों के हित में निर्णय आने का भरोसा दिया। हालांकि किसानों ने बढ़ा हुआ मुआवजा मिलने तक फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू न होने का दावा किया है। किसानों से डीएम की वार्ता के दौरान सिकंदराबाद विधायक विमला सोलंकी भी मौजूद रहीं।
फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर किसान 273 दिन से धरने पर हैं। इस दौरान कई बार पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
मांगों को लेकर किसान केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा से गुहार लगा चुके , लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार को डीएम डॉ रोशन जैकब, एडीएम अरविंद कुमार, केडीए सचिव इंदुप्रकाश सिंह समेत प्रशासनिक अफसर धरना स्थल पर पहुंचे।
किसानों से वार्ता करने के बाद डीएम ने कहा कि उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। कमिशभनर के यहां चल रही फाइल की सुनवाई में फैसला किसानों के हित में ही लिया जाएगा। डीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
डीएम ने फ्रेट कॉरीडोर का काम शुरू करने के लिए किसानों से बाधा न डालने की बात कही। किसानों ने मुआवजा मिलने के बाद ही काम शुरू कराने की बात रखी। फिलहाल किसानाें ने 273 दिन बाद अपना धरना समाप्त कर दिया।
इस दौरान सिकंदराबाद विधायक विमला सोलंकी, देवेंद्र सिंह सोलंकी, विजेन्द्र प्रताप सोलंकी, सुग्रीव सोलंकी, नवल सिंह, अजय चौधरी, उदयवीर सिंह, मोमराज सोलंकी आदि किसान मौजूद रहे।