फर्जीवाड़ों का प्रधानाचार्य है मास्टरों का ‘मुखिया’
बुलंदशहर जिले के मास्टरों का मुखिया फर्जीवाड़े का भी प्रधानाचार्य रहा है। जिले से हटाए गए मास्टरों के मुखिया का फर्जीवाड़े और विवादों से पुराना रिश्ता है। कई बार उन्हें फर्जीवाड़े में निलंबित किया जा चुका है। छेड़छाड़ और अवैध वसूली को लेकर कई मुकदमे भी उनके खिलाफ दर्ज हो चुके हैं।
बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना पर जिले में हुई कार्रवाई कोई नई बात नहीं है। वह जहां-जहां तैनात रहे हैं, वहां सुर्खियों व विवादों में ही रहे हैं। वित्तीय अनियमितता, अवैध वसूली, छेड़छाड़ जैसे आरोप बीएसए पर पहले ही लग चुके हैं।
बुलंदशहर से हटाए गए बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना को सीतापुर में राइफल क्लब गेस्ट हाउस प्रकरण में निलंबित किया गया था। बीएसए के साथ तत्कालीन सीडीओ केदारनाथ सिंह को भी निलंबित किया गया था।
2010 में बहराइच जिले में तैनात बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना को सर्व शिक्षा अभियान में 30 करोड़ रुपये के गबन में निलंबित किया गया था। बाउंड्री बॉल के लिए जारी बजट की बंदरबांट भी की गई थी।
एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की जांच की और उन्हें दोषी पाया था। बहराइच में ही बीएसए पर शिक्षकों के तबादले के नाम पर अवैध वसूली के लगे आरोप सही पाए गए थे। बहराइच में ही बीएसए के सरकारी आवास से एक युवती बरामद हुई थी।
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 2009 में भी बीएसए एक अध्यापिका के साथ पकड़े गए थे, तब उनकी जमकर धुनाई भी हुई थी। बरेली जनपद में तैनाती के दौरान बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना पर सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने छेड़छाड़ के मामले में आईपीसी की धारा 354 में एफआईआर दर्ज की थी।
बरेली में ही शिक्षक भर्ती के नाम पर बीएसए पर करोड़ों रुपये की उगाही के आरोप लगे थे।
वहीं निवर्तमान बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि सभी आरोप विभागीय वैमनस्यता से लगाए गए हैं। एक भी मामला सिद्ध नहीं हो सका है। जांच के बाद सभी आरोपों से पाकसाफ निकल जाऊंगा।