ऑपरेटरों-राशन डीलरों के मेल से हुआ राशन हड़पने का ‘खेल’
गाजियाबाद। नोएडा-गाजियाबाद में गरीबों का राशन हड़पने के इस खेल की साजिश गौतमबुद्धनगर के दो ऑपरेटरों ने राशन डीलरों के साथ मिलकर रची थी। रोहित और जीतू नाम के दो ऑपरेटर इस पूरे खेल के मास्टर माइंड हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने ही गाजियाबाद के राशन डीलर्स, अन्य ऑपरेटरों को साथ मिलाया और आधार कार्डों का फर्जीवाड़ा कर करोड़ों का घोटाला किया। गाजियाबाद में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में गौतमबुद्धनगर के इन दोनों ऑपरेटरों रोहित और जीतू का नाम भी शामिल किया है।
21 अगस्त से शुरू हुई घोटाले की जांच 27 अगस्त तक चली। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार सिंह और प्रशासन के कई बड़े अधिकारियों के द्वारा की गई जांच के दौरान घोटाले में संलिप्त पाए गए सभी 102 राशन डीलरों, आधार कार्ड धारकों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि दुकानदारों और ऑपरेटरों ने मिलकर नियमों की धज्जियां उड़ाकर खूब मलाई खाई। नगर क्षेत्र प्रथम (कविनगर थाना क्षेत्र) में 19 राशन डीलर व तीन तकनीकी ऑपरेटर, नगर क्षेत्र द्वितीय यानी घंटाघर कोतवाली क्षेत्र में 20 राशन डीलर व चार तकनीकी ऑपरेटर, हिंडन पार क्षेत्र में 23 डीलर व 5 ऑपरेटर, मोदीनगर क्षेत्र में 5 राशन डीलर, पतला क्षेत्र में एक राशन डीलर व एक ऑपरेटर, मुरादनगर क्षेत्र में 6, और खोड़ा व लोनी क्षेत्र के कई राशन डीलर और दो ऑपरेटर इस घोटाले में लिप्त रहे हैं। जांच में सामने आया है कि एनआईसी के डाटा बेस से छेड़छाड़ कर और ई-पॉश मशीन को हैक कर यह फर्जीवाड़ा किया गया है। इसमें 77 आधार कार्ड धारक भी शामिल रहे हैं। जांच में पाया गया कि तीन आधार कार्ड को एक महीने में एक हजार से ज्यादा बार इस्तेमाल कर राशन लिया गया। जुलाई 2018 में गाजियाबाद में करीब 50 लाख से ज्यादा का राशन इन घोटालेबाजों ने हड़प लिया। गाजियाबाद में 69 आधार कार्डों का 16558 बार इस्तेमाल किया गया है। प्रदेश में हुए खाद्यान घोटाले में गाजियाबाद का नाम टॉप-5 जिलों में शामिल है। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि जांच पूरी कर संलिप्त पाए गए लोगों पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
राशन लाइसेंस हो सकते हैं निलंबित
जांच रिपोर्ट आने और 102 राशन डीलरों पर एफआईआर के बाद अब इनके लाइसेंस पर निलंबन की तलवार लटकी हुई है। गाजियाबाद के जिला पूर्ति अधिकारी की जांच के बाद डीएम के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही दागी राशन डीलरों के लाइसेंस का निलंबन हो सकती है। इनका निलंबन हुआ तो 102 राशन डीलरों के जुड़े राशन कार्ड धारकों को पड़ोसी राशन डीलर से जोड़ दिया जाएगा। उनके जरिए उन्हें राशन की आपूर्ति मिलती रहेगी।
खाद्यान्न घोटाले के टॉप-5 जिले
जिला आधार कार्ड संख्या कितने दफा इस्तेमाल
इलाहाबाद 107 37524
मेरठ 108 27324
मुजफ्फरनगर 64 19795
गाजियाबाद 69 16568
गौतमबुद्ध नगर 36 16058