गाजियाबाद। ऊर्जा निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तीनों चरण समाप्त हो चुके हैं। इस दौरान लगभग 1.41 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराने के बावजूद बकाया बिल का भुगतान नहीं किया। अब इन बकायेदारों से वसूली के लिए निगम सख्त रुख अपनाने जा रहा हैं। इनका रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शहर में ऊर्जा निगम के तीन जोन हैं। मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि अब तक तीनों जोन में करीब पांच हजार उपभोक्ताओं की आरसी जारी की जा चुकी है। अन्य पर कार्रवाई की प्रक्रिया गतिमान है। बकायेदारों को आरसी जारी होने के बाद एक माह का समय दिया जा रहा है। इस बीच अगर किसी ने बकाया बिल जमा नहीं किया तो कनेक्शन काटने के साथ ही संग्रह अमीन के जरिये वसूली की जाएगी।
मुख्य अभियंता ने बताया कि निगम ने 15 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक ओटीएस के तीन चरण संचालित किए थे। जोन एक में 57,290 उपभोक्ताओं पर 49 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया था। इसमें ओटीएस के तहत साढ़े आठ करोड़ रुपये ही जमा हुए। 30,487 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराने के बाद भी बिल का भुगतान नहीं किया।
इसी प्रकार जोन दो में 1,55,926 उपभोक्ताओं पर 348 करोड़ रुपये का बिल बकाया था। इनमें से 52,429 उपभोक्ताओं ने ही 32 करोड़ रुपये का भुगतान किया। 62,265 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराने के बाद भी बकाया बिल जमा नहीं किया। जोन तीन में 70,421 बकायेदारों में से 28,398 ने भुगतान नहीं किया है। सभी बकायेदार घरेलू कनेक्शन धारक हैं।
10 हजार से एक लाख तक बकाया :
इन उपभोक्ताओं पर 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का बकाया है। कई उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल से ऊर्जा निगम को भुगतान नहीं किया है।