वर्ष 2012 में मैसर्स रियल एंकर डवलपर्स प्रा. लि. के कालोनाइजर ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान विभाग से तीन कालोनियों के मानचित्र स्वीकृत कराए। स्वीकृत मानचित्र के संबंध में विभाग ने कालोनाइजर को पत्राचार भी किया। हालांकि विभाग में आज तक मानचित्र स्वीकृति और संबंधित अन्य दस्तावेज खोजबीन करने के बाद भी नहीं मिले। ऐसे में मास्टर प्लान विभाग के लिपिक राहुल शर्मा ने विभागीय लिपिक नवीन चंद, कृष्णकांत और वेद त्यागी के खिलाफ सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि मास्टर प्लान के लिपिक राहुल शर्मा के मुताबिक मैसर्स रियल एंकर डवलपर्स प्रा. लि. के कालोनाइजर ने 3 फरवरी 2012 में ग्राम प्रहलादगढ़ी, कनावनी और इंदिरापुरम के विभाग से मानचित्र स्वीकृत कराए। विभाग द्वारा कालोनाइजर और संबंधित अधिकारियों को मानचित्र स्वीकृति संबंधी पत्राचार भी किया गया, जिसका रिकार्ड मास्टर प्लान में मौजूद है। हालांकि मानचित्र स्वीकृति और अन्य दस्तावेज 13 वर्षों की खोजबीन के बाद भी नहीं मिले। नवंबर 2014 को तत्कालीन मुख्य नगर नियोजक ने स्वीकृत मानचित्र को खोजने के निर्देश दिए। काफी खोजबीन के बाद भी जब दस्तावेज नहीं मिले तो वर्ष 2024 में मास्टर प्लान के तीन लिपिकों के खिलाफ तहरीर भी संबंधित थाने में दी गई। हालांकि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। खोजबीन जारी रही और मास्टर प्लान विभाग से दस्तावेज गायब होने पर मंगलवार को विभाग के राहुल शर्मा ने तीनों लिपिक नवीन चंद्र, कृष्णकांत और वेद त्यागी के खिलाफ सिहानी गेट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसीपी ने बताया कि लिपिक राहुल शर्मा की तहरीर पर तीनों लिपिकों नवीन चंद्र, कृष्णकांत और वेद त्यागी के खिलाफ लोकसेवक द्वारा संपत्ति का गलत इस्तेमाल की धारा 409 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।