वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर नगर पालिका चेयरमैन को नोटिस
नगर पालिका बुलंदशहर में 20 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए गए थे। इसमें 5.74 करोड़ की धनराशि मानकों को ताक पर रखकर खर्च कर दी गई। शासन ने इसको राजस्व की क्षति माना है।
वित्त वर्ष 2015-16 में नगर पालिका ने बोर्ड बैठक में 20 करोड़ के 141 विकास कार्यों के प्रस्ताव पास करवाए। आरोप है कि नगर पालिका बोर्ड में न्यूनतम निवेदन स्वीकृत नहीं कराई गईं।
शिकायतकर्ता सभासद ऋषिपाल सिंह और सुनील शर्मा ने डीएम समेत अफसरों से वित्तीय अनियमितता की शिकायत की। प्रशासन ने रिपोर्ट शासन को जरूर भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने से खफा शिकायतकर्ता हाईकोर्ट चले गए।
पिछले दिनों हाईकोर्ट ने डीएम बुलंदशहर को तीन माह के भीतर पुन: जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया। डीएम डा. रोशन जैकब ने तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी।
रिपोर्ट में 5.74 करोड़ रुपये की क्षति का उल्लेख करते हुए डीएम ने लिखा है कि क्यों न नगर पालिका चेयरमैन के अधिकार सीज और उनको पद से हटा दिया जाए। बता दें कि चेयरमैन पिंकी गर्ग का शासनकाल 15 जुलाई को खत्म होने वाला है।
भुगतान जिलाधिकारी दफ्तर की अनुमति के बगैर नहीं किया गया। नियम आदि देखना अफसरों का काम है। भुगतान के चेक पर चेयरमैन और ईओ के संयुक्त हस्ताक्षर होते हैं। अफसरों को तभी ध्यान देना चाहिए था। शासन को जवाब दे दिया गया है। - पिंकी गर्ग, नगर पालिका चेयरमैन, बुलंदशहर
टेंडर की आड़ में सरकारी खजाने का बंदरबाट किया गया। 20 करोड़ रुपये में 5.74 करोड़ रुपये की क्षति तो सरकारी मशीनरी ने ही मान ली है। - ऋषिपाल सिंह, सभासद