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कोतवाल पर रिश्वत का आरोप, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

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कोतवाल पर रिश्वत का आरोप, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
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नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में करीब 20 दिन पहले हुई डकैती का खुलासा करने के बजाय पुलिस पर संदिग्धों को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप लगा है। मामले में शिकायत के बाद एसएसपी ने एसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी।

करीब बीस दिन पहले नेशनल हाईवे-91 के निकट एक फैक्ट्री में करीब आठ बदमाशों ने डाका डाला था। बदमाश करीब 12 लाख रुपये का माल ट्रक में लादकर ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
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मामले में गौतमबुद्धनगर के कासना से दो कबाड़ियों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद दोनों को छोड़ दिया। सोमवार दोपहर दनकौर निवासी हबीब अहमद एसएसपी के पास पहुंचा।

उसने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि करीब दस दिन पहले नगर पुलिस ने कासना निवासी बहनोई और उसके पड़ोस में कबाड़ी का काम करने वाले को हिरासत में लिया था।

हबीब ने आरोप लगाया कि दोनों को पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर टॉर्चर किया था। आरोप है कि नगर कोतवाल ने दोनों को छोड़ने की एवज में पांच लाख रुपये की मांग की।

हबीब का आरोप है कि बहनोई के परिजनों ने दो लाख 28 हजार रुपये और दूसरे कबाड़ी के परिजनों ने एक लाख 55 हजार रुपये पुलिस को दिए। यह रकम नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति के माध्यम से तीन कांस्टेबलों और कोतवाल को दी गई।

भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर एसएसपी ने फौरन ही एसपी सिटी को जांच सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर नगर पुलिस के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।
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पुलिस को रुपये दिलाने वाले मीडिएटर को बुलाया गया है। जल्द ही जांच पूरी करके रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी जाएगी। वहीं नगर कोतवाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद परिजनों की सुपुर्दगी में दिया।

परिजनों ने किसी बाहरी व्यक्ति को रुपया दिया है तो इसमें पुलिस कैसे जिम्मेदार है। पुलिस पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।
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