लोनी। ट्रोनिका सिटी पुलिस ने अंर्तराज्यीय मानव तस्करी गिरोह के 12 सदस्यों को बुधवार मंडोला इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इनमें इटावा के लवेदी स्थित जैटपुरा की राबिया, राजस्थान के हनुमानगढ़ी के नौहर की कृष्णा देवी, लोनी की फरमीना व पूजा, दिल्ली जहांगीरपुर की ज्योति और बदरपुर की कुमकुम के अलावा 6 पुरुष भी शामिल हैं। 26 मई को लोनी के ट्रोनिका सिटी निवासी हिना से 11 दिन की बच्ची चोरी होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और गैंग तक पहुंचकर कामयाबी हासिल की है।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 26 मई को पीड़िता हिना ने बच्ची चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस गिरोह के सदस्य दिल्ली के नांगलाई निवासी मनोज उर्फ मोनू और पूजा तक पहुंची। दोनों को गिरफ्तार कर जब उनसे पूछताछ हुई तो पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने सुनील कुमार, संजय, राजेंद्र सिंह, पवन कुमार, राबिया, विनीत कुमार, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति और कुमकुम को पकड़ा। पूछताछ में महिला आरोपी राबिया ने पुलिस को बताया कि उसके जीजा शब्बीर की दूसरी पत्नी हिना गर्भवती थीं। उसने हिना को बहला फुसलाकर यकीन दिलाया कि वह पैदा होने के बाद अपने बच्चे को उन्हें दे दें। उसके बदले वह उन्हें अच्छी रकम दिलवा देगी। साथ ही बच्चे की अच्छी परवरिश होने का भी झांसा दिया। इसके बाद राबिया ने मनोज व पूजा से संपर्क किया। दोनों ने दो लाख रुपये में बच्चा खरीदने की बात पर सहमति जता दी। 23 मई को हिना ने बेटी को जन्म दिया तो उसने बच्ची देने से मना कर दिया। इस पर उनकी पूरी साजिश नाकाम हो गई तो मनोज ने तस्करी का सौदा फेल होने से बचाने के लिए बच्ची चोरी की योजना बनाई।
आंध्र प्रदेश में किया सौदा
चुराई गई बच्ची का सौदा आरोपियों ने आंध्र प्रदेश में किया था और उनको बच्ची की डिलिवरी देने के लिए लोनी बुलाया गया। हालांकि आरोपी मनोज ने बच्ची चोरी करने के बाद गिरोह की महिला सदस्य कृष्णा देवी के हवाले कर दी। यहां से वह आरोपी सुनील, संजय, ज्योति, तरन्नुम, आरती, नदीम के साथ बच्ची को आंध्र प्रदेश लेकर जाने वाली थीं। इससे पहले ही पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि आरोपी मनोज, पूजा, राजेंद्र व कुमकुम कई वर्षों से गिरोह चला रहे हैं और 12 से अधिक बच्चों को आंध्र प्रदेश ले जाकर बेच चुके हैं।
बच्चा लेने के बदले देते थे नकली नोट
पुलिस को आरोपियों के पास से 2.90 लाख रुपये के नकली नोट भी मिले हैं। जब पुलिस ने नकली करंसी के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी जिन लोगों से बच्चा खरीदते थे उन्हें बदले में नकली नोट थमाकर चंपत हो जाते थे। जब तक लोग यह जान पाते कि नोट नकली हैं तब तक वह दूर चले जाते। नकली नोट के साथ पकड़े जाने के डर से कोई उनकी शिकायत भी नहीं करता था। वहीं, जो कार बरामद हुई है वह आरोपियों ने किराये पर ली थी।
इनकी तलाश जारी
लोनी की गड्ढा कॉलोनी निवासी तरन्नुम, दिल्ली की सभापुर खजूरी निवासी आरती, लोनी निवासी नदीम, आंध्र प्रदेश निवासी राजू, आंध्र प्रदेश निवासी दीप्ति आदि की पुलिस तलाश में जुटी है।
गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। भागे हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही कई बड़े खुलासे होंगे। सिद्धार्थ गौतम, एसीपी लोनी