स्कैडा सिस्टम से होगी पानी की बचत और निगरानी
गाजियाबाद। शहर में जल स्रोतों की निगरानी अब ऑनलाइन की जा सकेगी। इससे जहां पानी की उपलब्धता को बढ़ाने में मदद मिलेगी, वहीं पानी की बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन (स्कैडा) सिस्टम से नगर निगम की पेयजल आपूर्ति को कंट्रोल किया जाएगा। जल निगम इस सिस्टम को तैयार करेगा। इस काम के लिए शासन से जल निगम को 70 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। जीपीएस द्वारा नलकूपों को देखा जा सकेगा कि वह चालू हालत में हैं या नहीं। ओवर हैड टैंक और भूमिगत जलाशय में पानी की वास्तविक स्थिति का पता चंद मिनटों में लग जाएगा।
केंद्र सरकार अमृत योजना के अंतर्गत शहर की पेयजल आपूर्ति को हाइटेक करने जा रही है। जल निगम नए सिस्टम को तैयार करेगा और नगर निगम उस सिस्टम के तहत लोगों को साफ पानी मुहैया कराएगा। स्कैडा सिस्टम इसी योजना की एक कड़ी है। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार की योजना है कि 2022 तक शहरी क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों को सीवर ड्रेनेज और साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए स्कैडा सिस्टम को तैयार करने के लिए जल निगम को 70 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जल निगम अधिकारियों के मुताबिक योजनाबद्ध तरीके से शहर के ऐसे क्षेत्रों में पानी व सीवर लाइन डाली जा रही हैं जहां नहीं है। साथ ही जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत है, वहां पर पानी के स्रोतों को बढ़ाया जा रहा है। नए नलकूप और ओवर हैड टैंक बनाए जा रहे हैं। इन स्रोतों का पानी बर्बाद न हो, इसके लिए स्कैडा सिस्टम को लागू किया जाएगा।
क्या कहते है अधिकारी
जल निगम के चीफ इंजीनियर जीपी शुक्ला ने बताया कि जीपीएस के माध्यम से पानी के सभी स्रोतों को जोड़ा जाएगा। एक कंट्रोल रूम होगा, जिसमें अधिकारी टीवी पर देखकर यह बता सकेंगे कि कहां की टंकी व भूमिगत जलाशय खाली है या फिर किस नलकूप की मोटर खराब हो गई है। तत्काल उसे ठीक कराया जाएगा। नगर निगम से डाटा मिल गया है। जल्द ही सिस्टम को शुरू करने की कार्रवाई होगी।
शहर में पेयजल स्रोत
जनपद में 30 एचपी के कुल 237 नलकूप हैं। जबकि 10 एचपी के 424 नलकूप, हैंडपंप की संख्या 7150, भूमिगत जलाशयों की संख्या 22 और ओवर हैड टैंक 22 बने हुए हैं। जनपद का जलापूर्ति कवरेज 77.32 प्रतिशत है।