प्रदूषण रहित इंडस्ट्री आएंगी, जिले को फार्मा इंडस्ट्री हब बनाएंगे
गाजियाबाद। जिले में प्रदूषण रहित इंडस्ट्री का पदार्पण होगा। बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर इन्वेस्टर्स समिट 2018 में उद्यमियों के सामने गाजियाबाद में प्रदूषण रहित इंडस्ट्री लाने का प्रस्ताव रखा गया है। जिसकी उद्यमियों ने सराहना की है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री व सांसद वीके सिंह का कहना है कि एनसीआर में गाजियाबाद जिले को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त माहौल और जगह मुहैया कराई जाएगी। अभी लोहा और इलेक्ट्रॉनिक गुड्स की इंडस्ट्रीज से गाजियाबाद की पहचान है।
कलक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए सांसद वीके सिंह ने कहा कि दिल्ली में एयरपोर्ट की सुविधा है और जेवर में एयरपोर्ट बनने जा रहा है। इसके साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बनने से गाजियाबाद में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ऐसी में फार्मा कंपनियों को कम लागत पर दवाएं व सर्जिकल आइटम तैयार करने में मदद मिलेगी। इन्वेस्टर समिट 2018 में कंपनियों को यह सुझाव दिया गया है कि जिस पर उन्होंने सहमति जताई है। संभावना है कि जल्द ही बड़ी संख्या में कंपनियां निवेश का प्रस्ताव रखेंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नोएडा आईटी की हब बना है, उसी तरह से गाजियाबाद फार्मा का हब बनेगा।
प्रदूषण रहित इंडस्ट्री लाने की कवायद
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण सबसे बड़ी चुनौती है। एनजीटी प्रदूषण को लेकर सख्त है, जिसके चलते लोहा, कार्बन कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों से लेकर मीट प्लांटों तक को बंद कर दिया गया है। प्रदेश सरकार को अहसास है कि आने वाले समय में स्थिति में कोई बड़ी सुधार नहीं होगा। बल्कि प्रदूषण स्तर को कम रखने के लिए ऐसी सभी इकाईयों को बंद करना पड़ेगा, जो प्रदूषण पैदा करती है। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश सरकार की कोशिश गाजियाबाद में उन उद्योगों को लाने की है, जिनसे प्रदूषण न फैले। अब आईटी व सॉफ्टवेयर से जुड़ी कंपनियां नोएडा जा रही हैं, जिन्हें जिले में लाना मुश्किल है। ऐसे में सरकार की नजर फार्मा इंडस्ट्री को लाने की है, जिसके लिए बेहतर हवाई व सड़क कनेक्टिविटी (संपर्क) के साथ उद्योगों को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का आश्वासन दिया जा रहा है। सूत्र के मुताबिक फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनियों के साथ राज्य सरकार ने वार्ता भी शुरू कर दी है।
अभी 12 फार्मा कंपनियां, बड़ी संभावना
मौजूदा समय में गाजियाबाद में होलसेल व रिटेल की करीब 3500 हजार दुकानें हैं, जिनसे प्रतिदिन पांच करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसके साथ ही 12 फार्मा कंपनियां हैं, जो जेनेरिक दवाएं तैयार करती है। इसके साथ ही अल्बर्ट डेविड जैसी बड़ी फार्मा कंपनी गाजियाबाद में संचालित है। इस लिहाज से फार्मा इंडस्ट्री का बेहतर भविष्य देखा जा सकता है।