दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डे मेट्रो का ट्रायल अगस्त से
गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो फेज-दो प्रोजेक्ट को भारत सरकार से इस माह के आखिर तक मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रोजेक्ट की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को वित्त मंत्रालय के साथ शहरी आवास मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। अब प्रोजेक्ट को केवल कैबिनेट से स्वीकृति मिलना बाकी है। ऐसे में जीडीए की ओर से संशोधित डीपीआर को कैबिनेट की मंजूरी दिलवाने के लिए शहरी आवास मंत्रालय को रिमाइंडर भेजा गया है।
शहरी विकास मंत्रालय को अब प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए नोट बनाकर कैबिनेट के सामने रखना है। जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी की ओर से भी प्रोजेक्ट को स्वीकृति दिलवाने के लिए अपने स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। जीडीए अधिकारी जुलाई के अंत तक प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना जता रहे हैं। संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलते ही केंद्र सरकार के अंशदान का रुका हुआ 402.40 करोड़ का फंड जीडीए को मिल जाएगा। मंजूरी से सबसे ज्यादा राहत डीएमआरसी को मिलेगी। डीएमआरसी मेट्रो रूट के सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) को प्रस्ताव भेज सकेगा। जिससे मेट्रो कॉरिडोर के ऑपरेशनल होने से पहले होने वाले ट्रायल रन की बाधा भी हट जाएगी। बीते एक माह में प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर को स्वीकृति मिलने की दिशा में तेजी से घटनाक्रम हुए हैं। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक में सांसद वीके सिंह और जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने मेट्रो फेज-दो की संशोधित डीपीआर का मुद्दा उठाया था। फिर शासन स्तर व जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी की ओर से शहरी विकास मंत्रालय में की गई बैठकों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
95 फीसदी काम पूरा, अगस्त में ट्रायल रन संभव
मेट्रो फेज-दो प्रोजेक्ट का वर्तमान में करीब 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ट्रायल रन को देखते हुए मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक पर इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य तेज गति से चल रहा है। साथ ही मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों पर फिनिशिंग और लोगों की आवाजाही के बाबत सीढ़ियों आदि का काम भी फाइनल स्टेज में हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट की संशोधित डीपीआर को शहरी विकास मंत्रालय के बाद कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद अगस्त से ट्रायल रन संभव है। स्वीकृति मिलते ही रूट सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए अभी कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। साथ ही दो माह तक ट्रायल रन का संचालन होने के बाद दिवाली से पहले कॉरिडोर के ऑपरेशनल हो सकता है।
यूपीएसआईडीसी व आविप पर 193.24 करोड़ बकाया
मेट्रो फेज-दो प्रोजेक्ट में अंशदान में देरी पर शासन स्तर से दिशानिर्देश मिलने के बाद फंडिंग की कार्रवाई तेज हो गई है। फिर भी आवास विकास परिषद पर 159.54 करोड़ और यूपीएसआईडीसी पर 33.70 करोड़ रुपये बकाया है। आवास विकास परिषद की ओर से बीते जून माह में 80 करोड़ के अंशदान दिया गया था। जबकि यूपीएसआईडीसी ने मई माह 30 करोड़ अपने अंशदान के जमा कराए थे।