लक्ष्मी मावी के सामने, नहीं आया कोई मैदान में, निर्विरोध
गाजियाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रत्याशी लक्ष्मी मावी की निर्विरोध जीत तय हो गई है। उनके सामने चुनाव मैदान में कोई उतरा ही नहीं। कलक्ट्रेट परिसर में नामांकन प्रक्रिया में लक्ष्मी के सामने एक भी नामांकन नहीं हुआ। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जीत के तय होने पर जमकर जश्न मनाया। कलक्ट्रेट परिसर में ढोल नगाड़े बजे और जिंदाबाद के नारे लगे। आधिकारिक तौर पर जीत का प्रमाण पत्र स्क्रूटनी के बाद 15 मार्र्च को दिया जाएगा।
सोमवार को सबसे पहले दोपहर में टीला शहबाजपुर (लोनी) निवासी जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया। उनकी तरफ से प्रस्तावक मुंजरीन पत्नी जुलफेकार व अनुमोदक रंजीत सिंह तेवतिया रहे। गौरतलब है कि सपा से एमएलसी आशु मलिक के भाई नूर हसन मलिक को करीब छह महीने पहले अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था। जिला पंचायत के 14 सदस्यों में से 10 ने नूरहसन के विरोध में मतदान किया था। इसके बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर दोबारा से अध्यक्ष पद को लेकर चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई गई, जिसमें भाजपा उम्मीदवार लक्ष्मी मावी निर्विरोध जीत गईं। चुनाव से पहले माना जा रहा था कि भाजपा को टक्कर देने के लिए सपा, बसपा व कांग्रेस पार्टी संयुक्त प्रत्याशी मैदान में उतारेंगी, लेकिन विपक्ष खामोश रहा।
आचार संहिता का धज्जी उड़ाई
रविवार दोपहर तीन बजे जैसे ही नामांकन की अवधि समाप्त हुई तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मी के पति पवन मावी को कंधों पर उठा लिया और जमकर नारेबाजी की। उधर, खुशियों के बीच लक्ष्मी की आंखों से भी आंसू निकल आए। कलक्ट्रेट में ही ढोल नगाड़े बजे। इसी बीच पुलिस के मूक दर्शक बनकर खड़ी रही।