किशोरी से दुष्कर्म के अभियुक्त को 10 साल की सजा
गाजियाबाद। पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवक को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। किशोरी अभियुक्त के पिता से उसके घर पर उर्दू पढ़ने के लिए जाती थी। अभियुक्त ने एक दूसरी युवती से किशोरी को मेहंदी लगाने के लिए बुलवाया था। इसी दौरान उसने किशोरी के साथ वारदात की। अभियुक्त पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त धनराशि में से 50 फीसदी धन पीड़िता को दिए जाए।
विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि ट्रोनिका थाना क्षेत्र में रहने वाली किशोरी शादी समारोह जैसे कार्यक्रमों में मेहंदी लगाने का कार्य करती थी। 17 फरवरी 2017 को एक युवती उसके पास आई और कहने लगी कि मेहंदी लगाने के लिए चलना है। किशोरी मेहंदी लगाने के लिए चल दी। रास्ते में शाहरुख किशोरी को अपने साथ ले गया और उसने उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। मेहंदी लगाने वाली किशोरी ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों ने शाहरुख के खिलाफ ट्रॉनिका सिटी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर शाहरुख को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई विशेष पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र श्रीवास्तव की अदालत में चली। कोर्ट में पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर शाहरुख को दोषी मानते हुए 10 साल के कारावास और 75 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।