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Ghaziabad News: बिजली करंट से झुलसा 10 साल का मासूम, मौत

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खोड़ा। पवन विहार कॉलोनी निवासी जमशेद का बेटा गुलाम रजा (10) की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। करीब आठ घंटे इलाज के बाद दम तोड़ दिया। हादसा 12 अप्रैल की सुबह करीब 10ः30 बजे हुआ। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद पोस्टमार्टम न कराने की बात पर भी हंगामा किया। पुलिस के काफी समझाने पर रविवार देर रात परिजन माने और 13 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जा सका। रजा कक्षा पांच का छात्र था और तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
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मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित औराई गांव निवासी जमशेद दो वर्षों से वह पवन विहार में किराये के मकान पर परिवार के साथ रहते हैं। मजदूरी करके परिवार का लालन-पालन करते हैं। उनके तीन बच्चे हैं और सबसे बड़ा गुलाम रजा कक्षा पांच का छात्र था। वह सबसे बड़ा था। जमशेद ने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह करीब 10ः30 बजे वह अपने बेटे गुलाम रजा के साथ छत पर थे। वहां पर रजा एक कोने में खेल रहा था। जबकि वह भी काम कर रहे थे। उसी दौरान रजा को हाईटेंशन लाइन से करंट का तेज झटका लगा। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया। बिजली का झटका इतना भीषण था कि जिस जगह गुलाम रजा खड़ा था उसका फर्श भी चटक कर टूट गया। इलाज के बेटे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और करीब आठ घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। उधर, बच्चे की मौत के बाद परिजन ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। चूंकि शाम को बच्चे ने डॉक्टरों से बात करते हुए अपना नाम बताया था और शाम 6:30 बजे अचानक उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंची और परिजन से बातचीत कर मामले को शांत करते हुए शव को मोर्चरी भिजवाया। सोमवार शाम करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। बेटे के शव को देखते ही उसकी मां बेसुध हो गई।
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15 मीटर दूर 33 हजार केवी की लाइन, नीचे लगा है खंभा
जमशेद का परिवार तीन मंजिला मकान में सबसे ऊपरी मंजिल पर रहता है। दो कमरों के बाहर एक छोटा बरामदा है और छत की चहारदीवारी है। बाउंड्रीवॉल से करीब 15 मीटर की दूरी पर 33 हजार केवी की लाइन जा रही है। पिता का आरोप है कि रजा हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया था। वहीं, छत के जिस हिस्से में किशोर खड़ा था उसी तरफ मकान के ठीक नीचे दीवार से चिपका एक बिजली का पोल भी लगा है। इसके पास से दो तार भी ऊपर छत की तरफ जा रहे हैं। इसकी वजह से चहारदीवारी में अर्थिंग आने की आशंका भी जताई जा रही है।
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बच्चे की मौत के बाद पोष्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया है। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि अभी कोई शिकायत नहीं दी है। अगर शिकायत दी जाएगी तो प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम।
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