गाजियाबाद। दिन ओ दिन प्रचंड होती जा रही गर्मी से मंगलवार को 10 और लोगों की मौत हो गई। सोमवार को भी 10 की जान गई थी। सात दिन में आंकड़ा 40 को पार कर चुका है। लू का शिकार होकर किसी को उल्टी दस्त लगे और फिर सांस टूट गई तो कोई चक्कर आने से बेहोश होकर गिरा और फिर उठा ही नहीं। मृतकों में 40 फीसदी से ज्यादा मजदूर हैं, जो दोपहर में निकले और जानलेवा गर्म हवा की भेंट चढ़ गए।
मंगलवार को हुई मौतों पर सीएमओ डाॅ. भवतोष शंखधार का कहना है कि पोस्टमार्टम होने पर ही सही वजह मालूम चलती है। जिन लोगों की मौत गर्मी से होना बताई जा रही है, उनके परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। इनमें कई बुजुर्ग शामिल हैं। हो सकता है उनकी मृत्यु का कारण कुछ और रहा हो। जो अज्ञात शव मिले हैं, उन सभी का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
सोमवार को गर्मी से मरे लोगों में राजवती (65), अनिल सिंह (55), परी (7 माह), डॉली (24), रमेश चंद्र (70) और देवेश (50) शामिल हैं। इनके अलावा चार लोग सड़क किनारे बेहोश मिले, जिनकी बाद में मौत हो गई। चारों की शिनाख्त नहीं हो सकी। इनके शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं।
इनकी गई जान
1. जय प्रकाश (65) निवासी घूकना : सोमवार को गर्मी से चक्कर आने के बाद सांस लेने में परेशानी होने पर परिजनों ने एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार को मौत हो गई।
2.अवनीश पांडेय (50) निवासी सिद्धार्थ विहार : गर्मी से हालत बिगड़ने पर परिजन एमएमजी अस्पताल लेकर आए। थोड़ी देर बाद ही मौत हो गई।
3. मोहम्मद रफीक (60) निवासी अमन काॅलोनी : मंगलवार को गर्मी से अचानक हालत बिगड़ जाने पर एमएमजी में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान मौत हो गई।
4. मोहम्मद इम्तियाज (नौ) निवासी वसुंधरा सेक्टर चार : मंगलवार सुबह उल्टी दस्त होने पर परिजन एमएमजी लेकर आए। चिकित्सक ने बताया कि मौत पहले ही हो चुकी है।
5. सावित्री (60)निवासी विजयनगर : उल्टी-दस्त होने पर परिजन संयुक्त जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक ने देखते ही कहा, इनकी मौत हो चुकी है।
6. देव नारायण (58) निवासी साहिबाबाद : लू लगने से बेहोश होकर सड़क पर गिरे। एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए गए। चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
(इनके अलावा चार लोग सड़क पर बेहोश मिले, जिन्हें अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित किया गया, चारों की शिनाख्त नहीं हो सकी)
दोपहर को बाहर
निकलने से बचें
(सलाह)
सीएमओ का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। अगर तेज धूप में बाहर निकलना पड़े तो कुछ खाकर और पानी पीकर ही निकलें।
सिर को गमछे या किसी सूती कपड़े से ढककर ही निकलें। यदि चक्कर या कमजोरी का अहसास हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
ओआरएस, शिकंजी या नमक चीनी का घोल पीते रहें। शराब, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें। ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं यानी इनसे पानी की कमी होती है।
रसोई में खाना बनाते समय खिड़की और दरवाजे खुले रखें। कपड़े हल्के पहनें। 20 मिनट के अंतराल पर पानी पीते रहें।
रोज 30 से 40 शव पहुंच रहे श्मशान
गाजियाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ही हिंडन श्मशान घाट पर पहुंचने वाले शवों की संख्या भी दोगुनी हो गई है। पिछले दस दिन से रोजाना 30 से 40 शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है, जबकि सामान्य दिनों में 15 से 20 का होता था। रोजाना तीन से छह अज्ञात शव के भी अंतिम संस्कार हो रहे हैं।
श्मशान घाट के आचार्य मनीष कुमार ने बताया कि मुखाग्नि के बाद संस्कार और कपाल क्रिया कराने में समय लगता है। सुबह फूल चुगने के बाद प्लेटफाॅर्म की सफाई कराने के बाद दूसरे शव का दाह किया जाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 10 बजे से शाम तीन बजे तक पांच घंटे में 36 शव का अंतिम संस्कार किया। मनीष ने बताया कि 50 फीसदी मृतकों की उम्र 24 से 40 वर्ष के बीच है। इसके अलावा 40 फीसदी 55 से 70 उम्र और दस फीसदी 42 से 53 वर्ष की उम्र के मृतकाें के शव दाह के लिए लाए जा रहे हैं। मनीष ने बताया कि एक जून से 18 जून तक 36 अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार हुए हैं। ब्यूूरो