साहिबाबाद। जिले में चल रही 10 इलेक्टि्रक बसें भी अब नोएडा भेजी जाएंगी। मुख्यालय की ओर से 23 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले गाजियाबाद से 28 ई-बसों को भेजा जा चुका है। इन बसों के जाने के बाद जिले में लोगों को मिल रही ई-बस सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा और पुरानी व्यवस्था से ही अपने गंतव्य तक जाना होगा।गाजियाबाद को लखनऊ मुख्यालय से साल-2025 की शुरुआत में शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम करने और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए 38 ई-बसें मिली थीं। बसें आई, लेकिन चार्जिंग स्टेशन न बनने की वजह से छह माह से ज्यादा समय तक बसें डिपो पर ही खड़ी रहीं। दिसंबर 2025 से 10 बसों का संचालन शुरू किया गया और पंजीकरण न होने की वजह से 28 ई-बसें डिपो पर ही खड़ी रही। जून 2026 में गौतमबुद्धनगर में नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने पर इन बसों को वहां भेज दिया गया। गाजियाबाद में शेष 10-ई बसें जो साहिबाबाद डिपो से आगरा, मथुरा, मुरादाबाद, नजीबाबाद, कोटद्वार रूट पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचा रही थीं, अब उनको भी नोएडा डिपो भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसलिए मंगवाई जा रही बसें
रोडवेज डिपो के अधिकारियों का कहना है कि साहिबाबाद के मुकाबले यात्रियों की संख्या नोएडा में अधिक है। शासन ने एयरपोर्ट चालू होने की वजह से वहां के लिए 100 ई-बसों के आवंटन की योजना थी। अब तक 80 बसें अलग-अलग शहरों से नोएडा भेजी जा चुकी हैं। कुल बेड़े में अभी 20 बसें कम मानी जा रही थीं। इनको पूरा करने के लिए 10 बसें गाजियाबाद और पांच प्रयागराज व पांच बसें आगरा से भेजा जाएंगी।
10 ई-बसें नोएडा भेजी जा रही हैं। यह बस साहिबाबाद से आगरा, मथुरा, नजीबाबाद, मुरादाबाद, कोटद्वार आदि रूटों पर संचालित हो रही थी, जब तक इन रूटों पर नई बस नहीं आ जाती तब तक साधारण बसों को ही चलाया जाएगा। सतीश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक साहिबाबाद।