सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि बच्चे के अगवा होने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल हरकत में आ गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद लेकर आरोपी की लोकेशन तलाशी गई। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन नोएडा के सेक्टर-101 में मिली। जहां पुलिस ने अपना जाल बिछाकर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और साथ ही आरोपी को भी धर दबोचा।
भाई के मकान में बंधक बना रखा था बच्चा
सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी किराएदार ननकू का भाई नोएडा सेक्टर-101 में रहता है। ननकू मकान मालिक के इकलौते बेटे को लेकर उसी के मकान पर पहुंचा और वहां उसे बंधक बना लिया। हालांकि, इस दौरान ननकू का भाई वहां पर मौजूद नहीं था और न ही उसे बच्चे के अपहरण की कोई जानकारी थी।
मामूली बात पर खुन्नस खा गया था आरोपी
पुलिस का कहना है कि नोएडा पुलिस ने लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में मकान मालिक के भाई और उसके किराएदार ननकू को गिरफ्तार कर लिया था। सूचना पर मकान मालिक राजू अपने भाई को छुड़ाकर तो ले आया था लेकिन उसने ननकू की पैरवी नहीं की थी। इसी बात पर खुन्नस खाकर उसने मकान मालिक को सबक सिखाने की योजना बना ली। वह सोमवार तड़के नोएडा पुलिस से छूटकर आया और मकान मालिक के इकलौते बेटे को अगवा कर लिया।
सीओ का कहना है कि पुलिस अगर देरी से पहुंचती तो बच्चे के साथ अनहोनी हो सकती थी, क्योंकि बच्चा आरोपी ननकू को पहचानता था, इसलिए वह शांत रहा। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि अगर बच्चा रोता-बिलखता तो वह उसे मौत के घाट उतारकर फरार हो जाता। बच्चे के पिता राजकुमार ने त्वरित कार्रवाई पर पुलिस का आभार जताया है। पुलिस का कहना है कि ननकू करीब दो साल से राजू के मकान में किराए पर रहता है और मोमोज का ठेला लगाता है।
आरोपी ने बंद कर लिया था मोबाइल, दोस्त के जरिये पहुंची पुलिस
सीओ का कहना है कि मकान मालिक से बातचीत करने के बाद ननकू ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद लेते हुए उन लोगों को ट्रेस किया, जिनसे ननकू ने फोन पर बात की थी। इस दौरान पुलिस को ननकू के एक करीबी दोस्त का नंबर मिला, जिसके जरिये पुलिस आरोपी के ठिकाने तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया।