गोविंदपुरम में रहने वाले इंटेलीजेंसी ब्यूरो में कार्यरत रहे अविनाश और उनकी बहन अंजलि की आत्महत्या के बाद हापुड़ निवासी मामा देवेंद्र ने कविनगर थाने में तहरीर दी है। देवेंद्र सिंह का आरोप है कि अविनाश और अंजलि की मां कमलेश की भी मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत बहनोई के प्रेम संबंधों का विरोध करने पर हुई थी। कमलेश की मौत के एक वर्ष बाद ही उनके बहनोई ने अपनी प्रेमिका से शादी कर ली और घर ले आए। दोनों उनके भांजे अविनाश और भांजी अंजलि का शोषण करने लगे। इससे तंग आकर दोनों भाई-बहन इंदिरापुरम निवासी अपनी मौसी के घर जाकर रहने लगे। देवेंद्र सिंह ने मृतकों के पिता और सौतेली मां पर भांजे और भांजी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर कविनगर थाने में तहरीर दी है।
एसीपी कविनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि वर्ष 1995 में जनपद हापुड़ के नवी करीम चंडी रोड निवासी देवेंद्र सिंह जाटव की बहन कमलेश की शादी सुखवीर सिंह निवासी गोविंदपुरम संग हुई थी। शादी के बाद भी सुखबीर सिंह के मेरठ निवासी युवती से प्रेम संबंध थे। विरोध करने पर उनके बहनोई कमलेश से मारपीट करते थे और शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करते थे। अप्रैल 2007 में उनकी बहन कमलेश ने संदिग्ध परिस्थिति में जहरीला पदार्थ खा लिया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
कविनगर एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि तहरीर मिली है। 1995 में शादी और वर्ष 2007 में कमलेश देवी की मौत और आरोप हाल फिलहाल में लगाए गए हैं इन आरोपों की पहले जांच होगी। उसके बाद ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मेरा तो सबकुछ लुट गया, कैसे घर जाऊं ः सुखबीर
गाजियाबाद। गोविंदपुरम निवासी अविनाश औक अंजलि के पिता सुखवीर सिंह पोस्टमार्टम हाउस पर जमीन की ओर निहारते दिखे। बात करने पर उन्होंने बताया कि मेरा तो सबकुछ लुट गया। दोनों बच्चों शव लेकर कैसे घर जाऊं। मेरे लिए उस घर में अब क्या रखा है। जिस औलाद के लिए दूसरी पत्नी से संतान उत्पन्न नहीं की आज उन्होंने ने ही समाज में मुझे कलंकित कर दिया। दोनों बच्चों की मां कमलेश ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। बच्चों की देखभाल के लिए दूसरी शादी की। दूसरी बीवी को संतान पैदा न करने के लिए मनाया। दोनों बच्चों में अपना भविष्य देखा। बेटा काफी होनहार था और आईबी में अधिकारी बन गया। मैं और रितु भी सरकारी जॉब करते हैं किसके लिए कमाई कर रहे है अब कौन है जिसे कहें कि हमने ये कमाया। बस इतना जरूर पता है कि दोनों बच्चे क्या मरे अब मैं ही मर गया हूं।