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MCD : दिल्ली नगर निगम में भाजपा ने 100 दिन के शासन में कई वादे पूरे किए, कई रह गए अधूरे

Sat, 02 Aug 2025 02:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली

सार

इस दौरान तीन चुनावी वादे पूरे हुए, वहीं उसने कुछ नई पहल भी की जो उसके घोषणापत्र का हिस्सा नहीं थीं। मगर अभी भाजपा के घोषणा पत्र के नौ वादे पूरा होने का इंतजार है।
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एमसीडी मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमसीडी में भाजपा के शासन के शुक्रवार को 100 दिन पूरे हो गए। इस दौरान तीन चुनावी वादे पूरे हुए, वहीं उसने कुछ नई पहल भी की जो उसके घोषणापत्र का हिस्सा नहीं थीं। मगर अभी भाजपा के घोषणा पत्र के नौ वादे पूरा होने का इंतजार है। उधर सत्तारूढ़ भाजपा पार्षद दल के नेता प्रवेश वाही अपनी पार्टी के शासन के 100 दिनों को स्थायित्व और गति की शुरुआत बता रहे हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी पार्षद दल के नेता अंकुश नारंग ने भाजपा शासन के 100 सौ दिनों में कोई बदलाव नहीं होने का दावा कर रहे हैं।

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दिसंबर 2022 में एमसीडी चुनाव के दौरान भाजपा ने 12-सूत्रीय घोषणा पत्र जारी किया था। मगर वह चुनाव नहीं जीत सकी थी। करीब ढाई साल बाद पार्षदों के बड़ी संख्या में दलबदल करने पर आम आदमी पार्टी की गत अप्रैल माह में सत्ता से विदाई हो गई और भाजपा की सरकार बन गई। भाजपा ने अपने 100 दिन के शासन में तीन वादों पर आंशिक रूप से काम किया। उसने फैक्टरी लाइसेंसिंग प्रक्रिया में सरलीकरण किया है। 

अब मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित इकाइयों को लाइसेंस के लिए सरलीकृत प्रक्रिया और स्व-घोषणा आधारित पद्धति लागू की गई है। वहीं संपत्ति कर में राहत देने के लिए सुनिया योजना लाई गई है, जिसके तहत पुराने बकाया कर पर छूट दी जा रही है। इसके अलावा चालू कर में 10 प्रतिशत छूट के साथ जमा कराने की अंतिम तिथि दो बार एक-एक माह के लिए बढ़ाई गई है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण के लिए ओखला लैंडफिल साइट पर हरित अभियान शुरू हुआ है और सात लाख पौधे लगाने का टारगेट रखा गया है।
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भाजपा शासन में 100 दिनों में 336 सफाईकर्मियों को नियमित किया गया। कर्मचारियों को माह के पहले दिन वेतन देने की शुरूआत हुई। सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ नाम से स्वच्छता अभियान शुरू हुआ। स्वच्छता गीत (एंथम) लॉन्च किया गया। तीनों लैंडफिल साइट्स से कूड़ा हटाने के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। घरों से कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए टैक्स को वापस लिया गया। हर जोन में वनडे वन सड़क योजना की शुरुआत का निर्णय लिया। नालों की सफाई का कार्य समय पर पूर्ण किया। लावारिस कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए उप-समिति गठित की। वार्ड समितियों और स्थायी समिति के चुनाव कराए गए और अन्य समितियों के चुनाव कराने की पहल शुरू हुई। मनोनीत पार्षदों को पहली बार फंड जारी किया गया।

संरचना सुधार पर जोर दिया गया : वाही
भाजपा पार्षद दल के नेता प्रवेश वाही ने कहा कि पहले 100 दिन में हमारी प्राथमिकता प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना और अव्यवस्था को दुरुस्त करना था। इस मामले में ऐतिहासिक कार्य हुआ। हमने चुनावी वादे पूरे करने की दिशा में भी पहल की। सभी समितियों खासकर स्थायी समिति का गठन होने से एमसीडी में कामकाज होना शुरू हो गया है। वहीं पार्षदों को भी सत्ता में हिस्सेदारी मिल गई है और उन्हें विकास के लिए फंड भी समय से मिला है। अब हम सेवा वितरण और परिणाम आधारित योजनाओं पर जोर देंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में सभी जोनों में सफाई की निगरानी और लैंडफिल साइटों की ऊंचाई कम करने पर फोकस रहेगा।

बदलाव नहीं दिखा : नारंग
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि न तो कूड़े के ढेर कम हुए, न ही गली-मोहल्लों में सुधार नजर आया है। निगम अब भी वही पुरानी कार्यप्रणाली से चल रहा है, फर्क सिर्फ प्रचार का है। कई क्षेत्रों में नालों की सफाई सिर्फ कागजों पर हुई। पारदर्शिता और जवाबदेही के मोर्चे पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। कोई ठोस नीति परिवर्तन या स्थायी समाधान नहीं दिखा। भाजपा की प्राथमिकता समस्याओं के समाधान से ज्यादा फोटो-ऑप और स्लोगनबाजी में है। दिल्ली में भाजपा की चार इंजन की सरकार है भाजपा अगर चाहे तो दिल्ली की कायाकल्प बदल सकती है लेकिन भाजपा की करनी और कथनी में जमीन आसमान का अंतर है।

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