ऑरेंज जोन में होने पर भी गाजियाबाद का प्रदूषण स्तर रविवार को देश के प्रदूषित शहरों में नंबर एक पर दर्ज किया गया। वहीं जिले में लोनी स्टेशन की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
सुबह में जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 मापा गया, वहीं शाम को 330 पर दर्ज करने के साथ ही पहले स्थान पर रहा। एनसीआर के इलाकों में भी गाजियाबाद की स्थिति खराब रही। पीएम 2.5 मानकों से तीन गुना ज्यादा रहा। उधर संजय नगर की स्थिति में मामूली सुधार देखा जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को गाजियाबाद शहर का एक्यूआई 238 था जो रविवार को 288 तक पहुंच गया। शनिवार की अपेक्षा हवा अधिक चलने के बावजूद प्रदूषण ज्यादा बढ़ा हुआ दर्ज किया गया।
इसी आधार पर गाजियाबाद का प्रदूषण स्तर ऑरेंज जोन में होने के बावजूद देश के प्रदूषित शहरों में सबसे ऊपर रहा। दूसरे नंबर पर फतेहाबाद में एक्यूआई 286 मापा गया। तीसरे नंबर पर दिल्ली का प्रदूषण 274 पर रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ पड़ने की वजह से मौसम ठंडा हो रहा है। जबकि हवा की गति धीमी हो रही है। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
लेकिन अगले दो-तीन दिनों में प्रदूषण घटने के आसार हैं। उधर लोनी का प्रदूषण 330 के साथ पहले स्थान पर दर्ज हुआ। वसुंधरा में एक्यूआई 288, इंदिरापुरम तीसरे नंबर पर 287 और संजय नगर 285 एक्यूआई के साथ चौथे पायदान पर रहा।