सहारनपुर के डाकघर में हुए 6.24 लाख रुपये के घोटाले में सीबीआई की विशेष न्यायाधीश एकता सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को तत्कालीन पोस्टमास्टर को 10 साल व तत्कालीन डाक सहायक को सात साल कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने पोस्टमास्टर पर 3.5 लाख रुपये व डाक सहायक पर 90 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहारनपुर डाकघर में 2005-06 में घोटाला हुआ था। उस समय डाकघर में कन्हैया लाल शर्मा पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत थे जबकि आदेश कुमार डाक सहायक के पद पर थे। दोनों पर आरोप लगा था कि उन्होंने धोखाधड़ी कर 13 पीपीएफ खाताधारकों के साथ ठगी की है।
दोनों लोग खाताधारकों द्वारा जमा किए गए रुपयों को अपने पास ही रख लेते थे और पासबुक में फर्जी एंट्री कर देते थे, जिससे खाताधारकों को इस बारे में पता ही नहीं चल पाता था। इस तरह से दोनों ने मिलकर 6.24 लाख रुपये का गबन किया था। जब पीड़ित अपने खातों से रुपये निकालने गए तब उन्हें इसके बारे में जानकारी हुई।
लोगों की शिकायत आने पर सहारनपुर के तत्कालीन वरिष्ठ अधीक्षक पोस्ट एसएन शर्मा ने 2006 में सीबीआई से शिकायत की थी। सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष न्यायाधीश एकता सिंह की अदालत में चल रही थी।
अभियोजक की तरफ से पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर शुक्रवार को अदालत ने कन्हैया लाल शर्मा व आदेश कुमार को दोषी करार देते हुए 10 और सात साल की सजा सुनाई। दोनों पर अर्थदंड लगाया है।