एंटीजन किट से जांच में बेटी संक्रमित मिली, जबकि मां की रिपोर्ट क्लियर न होने से जांच के लिए सैंपल लिया गया। बच्ची की मां ने बताया कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने कहा कि संक्रमण की पुष्टि हुई है, इसलिए आप घर नहीं जाएंगी। अभी एंबुलेंस आ रही है। स्टाफ ले जाकर दिव्य ज्योति मोदीनगर में भर्ती कराएगा।
बार-बार कहने के बावजूद न तो रात 12 बजे तक एंबुलेंस आई और न ही बच्ची को कुछ खाने-पीने को दिया जा सका। रात 11:30 बजे बच्ची की मां ने 112 नंबर पर कॉल की तो बताया गया कि गाड़ी आ रही है लेकिन उसका खर्चा आपको देना पड़ेगा।
बच्ची की मां ने खर्च देने की भी सहमति जता दी, इसके बावजूद न तो कोई गाड़ी आई और न ही बच्ची को भर्ती किया गया। रात 12 बजे कहा गया कि महिला अस्पताल के ही आइसोलेशन में भर्ती कर दिया जाए।
आरोप है कि अस्पताल के गार्ड ने अस्पताल के अंदर ही नहीं घुसने दिया। मजबूरी में वह किसी तरह से रात में घर चली गईं। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है लेकिन एंबुलेंस भेजकर बच्ची को भर्ती कराया जा रहा है।