पराली के धुएं और हवा की धीमी चाल से दिवाली के चौथे दिन भी दिल्ली समेत पूरा एनसीआर गैस चैंबर बना रहा। आबोहवा में बृहस्पतिवार को भी दिनभर स्मॉग छाया रहा। लोगों को आंख में जलन के साथ ही सांस लेने में भी दिक्कत हुई।
गाजियाबाद लगातार तीसरे दिन देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। बुधवार की तुलना में शहर के प्रदूषण मीटर में चार अंक की बढ़ोतरी के साथ यह 482 पर पहुंच गया। वहीं, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक नौ अंकों के सुधार के साथ 410 पर रिकॉर्ड किया गया। एनसीआर के अन्य ज्यादातर शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार आंका गया।
‘सफर’ के अनुसार, पंजाब व हरियाणा में बीते 24 घंटों में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार के 1,057 मामलों की तुलना में बृहस्पतिवार को पराली जलाने के 2,396 मामले दर्ज किए गए। हालांकि, बुधवार को पराली जलाने के मामलों में कमी आने से दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 35 फीसदी से घटकर 27 फीसदी रह गया।
इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक में नौ अंक की गिरावट आई है। सीपीसीबी के अनुसार, एनसीआर में शुक्रवार को भी प्रदूषण स्तर में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है।
पश्चिमी विक्षोभ का दो नवंबर को दिखेगा असर
सफर के मुताबिक, पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बार्डर इलाके बृहस्पतिवार को पश्चिमी विक्षोभ की चपेट में रहे। दिल्ली-एनसीआर में इसका असर दो नवंबर को दिखेगा। इससे सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल तेज होगी और वायु प्रदूषण छंट सकता है लेकिन वायु प्रदूषण के बेहद खराब स्तर पर ही रहने का पूर्वानुमान है।
एनसीआर के शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
गाजियाबाद : 482
नोएडा : 450
ग्रेटर नोएडा : 438
दिल्ली : 410
फरीदाबाद : 404
गुरुग्राम : 365