इंस्पेक्टर विजज की पत्नी और बेटा
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पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और केसों की विवेचनाओं का भार इतना है कि इससे परेशान होकर वे मौत को गले लगा रहे हैं। दरोगा विजय कुमार ठेनुआ भी 100 से अधिक केसों की विवेचनाएं कर रहे थे, जिसके चलते वह अपने परिवार से बात भी नहीं कर पाते थे। परिजनों की मानें तो वह कई-कई दिन पर फोन करते थे।
बताते थे कि काम का भार है, बाद में बात करूंगा। हाल चाल पूछने के बाद फोन रख देते थे। इसके अलावा विजय समेत चार पर चार महीने पहले मथुरा की नगर कोतवाली में धारा 307, 147 और 148 का मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप था कि उन्होंने कृष्णा नगर कालोनी में रहने वाले युवक पर जानलेवा हमला कर बवाल किया था। इसके चलते वह डिप्रेशन में रहते थे, जिसकी दवाई भी खाते थे।
इंस्पेक्टर विजय की मां
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