करीब नौ बजे उन्होंने गाड़ी को सोसायटी के कम्पाउंड में खड़ा कर दिया। इसके बाद एओए को सूचना दी। एओए ने भी कोविड-19 हेल्पलाइन पर फोन कर एम्बुलेंस भेजने के लिए कहा। उधर, कोरोना संक्रमण फैलने के डर से सोसायटी से कोई भी शव को हाथ नहीं लगा रहा था।
ऐसे में करीब छह घंटे तक शव गाड़ी के अंदर ही रहा। दोपहर तीन बजे स्वास्थ्य विभाग से एम्बुलेंस पहुंचने के बाद मृतका का अंतिम संस्कार हो सका। इसके बाद परिवार के पांचों सदस्य भी होम क्वारंटीन हो गए।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। कोरोना संक्रमित मरीज की सूचना मिलने के बाद एम्बुलेंस तुरंत रवाना हो जाती है। इस मामले में दिल्ली से रिपोर्ट देरी से मिलने और कागजी कार्रवाई करने में दिक्कत आ गई होगी।