दिल्ली चुनाव के लिए राजधानी ही नहीं बल्कि विदेशों से भी चुनावी रणनीति तैयार हो रही है। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवासी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की 11 सीटों का चुनावी प्रबंधन संभाल रखा है। प्रवासियों ने विदेशी जमीन से चुनाव की रणनीति के साथ ही वित्तीय प्रबंधन का जिम्मा भी संभाल रखा है।
दरअसल, राजधानी की 11 सीटों को सात समंदर पार बैठे प्रवासी भारतीयों ने गोद ले रखा है। इनमें वे सीटें शामिल हैं, जहां के उम्मीदवारों की आर्थिक स्थित कमजोर है। इन सीटों पर एनआरआई विदेशी धरती से चुनाव प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे हैं।
साथ ही वित्तीय प्रबंधन से लेकर प्रचार तक की पूरी रणनीति तैयार हो रही है। वहीं, दिल्ली पहुंचे विदेशी समर्थक सोशल मीडिया और नुक्कड़ नाटक के अलावा मोबाइल के जरिए वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ‘सेल्फी विद मफलरमैन’ और भोज के जरिए चंदा इकट्ठा का काम भी इन्हीं लोगों के जिम्मे है।
11 सीटों को विदेश में रह रहे आप समर्थकों ने लिया गोद
एनआरआई टीम के संयोजक वरुण गुप्ता बताते हैं कि हम लोगों से आप को वोट करने के साथ ही वित्तीय मदद करने की अपील भी कर रहे हैं। दुनिया भर में फैले आप समर्थकों तक इसकी जानकारी पहुंच गई है।
वहीं, टीम के सदस्य भास्कर सिंह ने बताया कि विदेशों में कई जगहों पर वार-रूम बनाया गया है। जहां निश्चित संख्या में लोग मतदाताओं तक फोन के जरिए पहुंचते हैं।
किराड़ी सीट को आप की शिकागो टीम ने गोद लिया है, जबकि मंगोलपुरी सीट आप की अटलांटा के पास है। दिल्ली छावनी सीट का चुनावी प्रबंधन वाशिंगटन टीम के पास है।
इसी तरह जंगपुरा कैलीफोर्निया, त्रिलोकपुरी आस्ट्रेलिया, कोंडली सिंगापुर, बाबरपुर न्यूजीलैंड, ग्रेटर कैलाश जापान, तिलक नगर टोरंटो, करावल नगर इंग्लैंड व सीएटल और शकूरबस्ती सीट को बोस्टन की टीम ने गोद रखा है।